'रामराज की बात करने वालों ने रामधन लूटा...', अखिलेश यादव ने BJP पर साधा निशाना, जातीय जनगणना पर कही बड़ी बात

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर धार्मिक स्थलों से चोरी, पेट्रोल में मिलावट, बेरोजगारी और पुलिस व्यवस्था को लेकर निशाना साधा है. एक जनसभा में उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग रामराज लाने की बात करते थे, लेकिन उन्होंने 'राम धन' तक को नहीं छोड़ा.

Akhilesh Yadav

Akhilesh Yadav (File Photo)

Google CTA

UP Politics News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर धार्मिक स्थलों से चोरी, पेट्रोल में मिलावट, बेरोजगारी और पुलिस व्यवस्था को लेकर निशाना साधा है. एक जनसभा में उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग रामराज लाने की बात करते थे, लेकिन उन्होंने 'राम धन' तक को नहीं छोड़ा. अखिलेश ने जातीय जनगणना को सामाजिक न्याय के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि जिसकी जितनी आबादी है, उसे उतना ही हक और सम्मान मिलना चाहिए.

यह भी पढ़ें...

अखिलेश यादव ने धार्मिक स्थलों से चोरी के मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, 'कोई कल्पना कर सकता है? जो लोग अपने आपको कहते थे कि हम रामराज लाएंगे, उन्होंने राम धन को भी लूट लिया. किन्हें पकड़ा उन्होंने? छोटे कर्मचारियों को पकड़ा और अपनी बदनामी बचाने के लिए जातिवादी राजनीति करने लगे.' सपा प्रमुख ने मंदिरों के बाहर बैठने वाले भिखारियों का उदाहरण देते हुए कहा कि पैसे न होने के बावजूद वे चोरी नहीं करते, बल्कि किसी के मदद करने का इंतजार करते हैं. उन्होंने कहा, 'लेकिन यहां तो सब तस्वीरें सामने आ गई हैं.'

E-20 पेट्रोल को लेकर सरकार पर सवाल

अखिलेश यादव ने पेट्रोल की गुणवत्ता और E-20 पेट्रोल को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल में बड़े स्तर पर मिलावट हो रही है. सपा प्रमुख ने कहा, 'सुना है पेट्रोल में ही बड़े पैमाने पर मिलावट चल रही है. जो गाड़ी सही पेट्रोल से चलनी चाहिए, जिसका माइलेज ज्यादा होना चाहिए, उसमें मिलावट की जा रही है.' उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हो रहा है तो सरकार को संबंधित कंपनियों से इस बारे में जवाब मांगना चाहिए. अखिलेश ने इसे जनता के साथ धोखा बताया.

जातीय जनगणना पर अखिलेश का जोर

सपा प्रमुख ने अपने PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक फॉर्मूले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में PDA आंदोलन को लेकर पार्टी बुंदेलखंड पहुंची, जहां पहले समाजवादी पार्टी शून्य पर थी. अखिलेश के मुताबिक, लोधी समाज और अन्य साथियों के भरोसे से पार्टी को वहां ऐतिहासिक जीत मिली. उन्होंने कहा, 'जब तक पीडीए के छतरी के नीचे सब लोग नहीं आएंगे, तब तक सामाजिक न्याय की लड़ाई अधूरी रहेगी.'

अखिलेश यादव ने जाति जनगणना को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए कहा कि समाज को मजबूत करने के लिए इसकी जरूरत है. उन्होंने संविधान और आरक्षण का जिक्र करते हुए कहा, 'बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जी ने जो संविधान दिया, उससे हमें आरक्षण और अधिकार मिले. अब जब सेंसस होने जा रहा है, तो जाति जनगणना होनी चाहिए. जिसकी जितनी आबादी है, उसको उतना हक और सम्मान मिलना चाहिए.' उन्होंने जातीय आंकड़ों के आधार पर अधिकार और प्रतिनिधित्व की बात दोहराई.

पुलिस व्यवस्था और रिश्वतखोरी पर भी हमला

उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी अखिलेश ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान यूपी 100 जैसी सेवा शुरू की गई थी, ताकि पुलिस जरूरत पड़ने पर लोगों तक तुरंत पहुंच सके. अखिलेश ने आरोप लगाया कि अब पुलिस की कार्यशैली खराब कर दी गई है. उन्होंने कहा, 'अगर आप थाने जाएं, तो सबसे पहले जेब देखी जाती है. पुलिस और तहसील सिर्फ पैसे देख रही है.' इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'हथेली गरम, तुरंत पुलिस नरम वाला कानून चल रहा है.'

तिरंगा यात्रा को लेकर भी बीजेपी को घेरा

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस और तिरंगा यात्रा के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि एक तरफ लोग स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं और दूसरी तरफ बंटवारे की बातें की जाती हैं. अखिलेश ने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोग आजादी से पहले और बाद में कभी तिरंगा नहीं लगाते थे, लेकिन अब झंडा लेकर यात्राएं निकाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी को तिरंगा यात्रा निकालने के बजाय लोगों का मन और नियत साफ करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि समाज में भाईचारा बढ़े.

रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने बेरोजगारी और सरकारी नौकरियों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियां खत्म की जा रही हैं और आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है. सपा प्रमुख ने दावा किया कि अगर राज्य में 26,000 प्राइमरी स्कूल बंद हुए हैं तो इससे सीधे तौर पर हजारों सरकारी नौकरियां खत्म हुईं. उन्होंने रोजगार और शिक्षा के मुद्दे को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए बीजेपी सरकार पर हमला बोला.

सामाजिक न्याय को लेकर क्या कहा?

अपने संबोधन के अंत में अखिलेश यादव ने लोगों से समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय की स्थापना करेगी और आरक्षण के जरिए सभी को बराबरी का हक दिलाने की दिशा में काम करेगी. अखिलेश के पूरे संबोधन में 'राम धन', E-20 पेट्रोल, जातीय जनगणना, PDA, पुलिस व्यवस्था, तिरंगा यात्रा और रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे. उन्होंने इन मुद्दों के जरिए बीजेपी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए और सामाजिक न्याय को अपनी राजनीति का प्रमुख आधार बताया.