स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोपों को लेकर भड़के मुकुंदानंद ने अब रामभद्राचार्य को लेकर ये सब कह दिया

यूपी तक

• 05:34 PM • 26 Feb 2026

Mukundanand Brahmachari Interview:पॉक्सो एक्ट में नामजद शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी ने यूपी तक को दिए इंटरव्यू में आरोपों को फर्जी बताया. उन्होंने स्वामी रामभद्राचार्य और योगी सरकार पर साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि गौ रक्षा आंदोलन को दबाने के लिए यह षड्यंत्र रचा गया है.

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Mukundanand Brahmachari Interview: प्रयागराज के झूंसी थाने में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर ने पूरे देश में हलचल मचा दी है. इस मामले में दूसरे मुख्य आरोपी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी ने पहली बार सामने आकर इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. मुकुंदानंद का दावा है कि शिकायतकर्ता एक हिस्ट्रीशीटर है और यह पूरी कार्रवाई स्वामी रामभद्राचार्य के इशारे पर शंकराचार्य के 'गौ रक्षा आंदोलन' को कुचलने के लिए की जा रही है.

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''फर्जी है एफआईआर'

मुकुंदानंद ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति आशुतोष महाराज कांतला थाने के 76A रैंक का हिस्ट्रीशीटर हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर इतनी जल्दबाजी और फर्जी तरीके से तैयार की गई है कि उसमें उनका सही नाम तक नहीं लिखा गया है. मुकुंदानंद के अनुसार, सन्यास के बाद उनका नाम बदल चुका है जिसकी जानकारी शिकायतकर्ता को नहीं थी.

'मठ के किसी विद्यालय में कभी नहीं पढ़े पीड़ित बच्चे'

मुकुंदानंद जो आश्रम के विद्यालय प्रकल्पों के सर्वेसर्वा हैं ने स्पष्ट किया कि जिन दो बच्चों की बात की जा रही है. उनका मठ या शंकराचार्य के किसी भी संस्थान से कभी कोई लेना-देना नहीं रहा. उन्होंने अपनी 10 शाखाओं में जांच कराई और पाया कि उन बच्चों ने कभी वहां प्रवेश तक नहीं लिया था. साक्षात्कार के दौरान मुकुंदानंद ने सीधे तौर पर स्वामी रामभद्राचार्य और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा. उनका कहना है कि शंकराचार्य जी ने यूपी से होने वाले बीफ निर्यात और गौ हत्या के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है जिससे सरकार असहज है. इसी आंदोलन को रोकने के लिए 'अंतिम अस्त्र' के रूप में इस घृणित आरोप का सहारा लिया गया है.

गुरुकुल परंपरा को नष्ट करने का षड्यंत्र

मुकुंदानंद ने चिंता व्यक्त की कि इस तरह के मनगढ़ंत आरोपों से अभिभावकों के मन में डर पैदा किया जा रहा है ताकि वे अपने बच्चों को गुरुकुलों में न भेजें. उन्होंने इसे सनातन धर्म के सबसे मजबूत किले (शंकराचार्य पद) को कमजोर करने और गुरुकुल शिक्षा पद्धति को नष्ट करने का एक दूरगामी षड्यंत्र बताया. मुकुंदानंद ने डीजीपी और प्रशासन से मांग की है कि कथित पीड़ित बच्चों को हिस्ट्रीशीटर के चंगुल से निकालकर बाल संरक्षण समिति के पास भेजा जाए. क्योंकि वहां उन पर दबाव डाले जाने की आशंका है.