यह जगह उस घटना का गवाह है जहां मनीष सिंह की बेरहमी से हत्या हुई. खून के छींटे और टूटा हुआ सामान दिखाता है कि कितनी क्रूरता से उनकी पिटाई हुई. कार के शीशे भी टूटे हुए हैं. आरोपी आधे पकड़े जा चुके हैं और आधे फरार हैं. पूरा गांव भयभीत है और सुरक्षा के लिए पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स 24 घंटे तैनात है.
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गांव के लोग डर के मारे ताले लगाकर अपने घरों में बंद हैं. घटना के समय एक वैवाहिक कार्यक्रम चल रहा था, जिससे पहचान और कुछ पता नहीं चल पाया.मनीष सिंह को सभी मिलनसार कहते हैं, लेकिन एक मामूली विवाद के कारण यह घटना हुई. पहले कभी ऐसी घटना इस शांतिपूर्ण गांव में नहीं हुई थी. लोग इस घटना को बहुत दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं.
मनीष सिंह के परिवार के सदस्य भी मौके पर थे. घटना के दौरान घायल एक महिला को मनीष ने सांत्वना दी थी, लेकिन फिर उन पर हमला हुआ. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी फरार है. परिवार की मांग है कि उसे जल्द गिरफ्तार कर सजा दी जाए. पुलिस प्रशासन पर पूरी कार्रवाई का दबाव है.
गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है पर अंदरूनी तनाव बना हुआ है. कई परिवार भयभीत हो गए हैं और अपने घर छोड़ चुके हैं. पुलिस और आरआरएफ फोर्स ने शांति बनाए रखी है. लेकिन लोगों में न्याय की उम्मीद बनी हुई है। परिवार मुख्य आरोपी के एनकाउंटर की भी मांग कर रहा है। इस घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया है.
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