वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र में मनीष सिंह नाम के व्यापारी को भीड़ ने पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया. घटना 26 अप्रैल की रात लगभग 11 बजे हुई जब मनीष सिंह की गाड़ी से एक महिला को टक्कर लगी. मनीष गाड़ी से उतरे और महिला की जानकार लेने पहुंचे, उसी वक्त भीड़ ने उन पर हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल मनीष को अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.
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मनीष की बहन मनीषा सिंह ने बताया कि उनके भाई की कोई पुरानी दुश्मनी या राजनीतिक रंजिश नहीं थी. कुछ आरोपी प्रधानी चुनाव की तैयारी कर रहे थे, लेकिन मनीष का इस तरह से कोई लेना-देना नहीं था. वे एक सीधे-सादे और मददगार व्यक्ति थे जो सामाजिक कार्यों में लगे रहते थे. यह वारदात दबदबे के लिए की गई थी.आरोपियों ने मनीष को पीटने के बाद उनकी अंगूठी, चैन और ब्रेसलेट भी छीन लिए. परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है और सरकार से सख्त कार्रवाई की उम्मीद रखता है.
परिवार आर्थिक रूप से मजबूत है और मनीष कई लोगों को रोजगार देते थे. उनकी मृत्यु से उनके परिवार पर गहरा सदमा पहुंचा है, खासकर उनकी पत्नी और छोटे बच्चे बहुत प्रभावित हैं. परिवार की मानसिक और आर्थिक स्थिति नाजुक है. मनीष की पत्नी अत्यंत दुःख में हैं और अक्सर बेहोशी की हालत में पहुंच जाती हैं. परिवार चाहता है कि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.
इस मामले में पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. लेकिन परिवार को लगता है कि न्याय प्रक्रिया धीमी है. वे चाहते हैं कि सरकार बुलडोजर कार्रवाई करे और दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन हो. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है. सामाजिक रूप से भी यह सोचने की बात है कि हम एक-दूसरे की मदद कैसे कर सकते हैं और नफरत या राजनीतिक दबदबे को कैसे खत्म कर सकते हैं।.
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