Varanasi Namo Ghat Murder Case: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में नमो घाट पर सोनभद्र से आए पर्यटक राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू की लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है. आदमपुर थाना पुलिस की जांच में सामने आया है कि घाट की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी पूरी तरह अवैध और गैर-जिम्मेदाराना तरीके से काम कर रही थी. पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले चार सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ 'बाबा विश्वनाथ ट्रेडर्स सिक्योरिटी' कंपनी के संचालक (मालिक) अनुज सिंह को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. यह घटना कल सुबह के समय नमो घाट के तय वक्त से पहले खुलने को लेकर पर्यटकों और गार्ड्स के बीच हुई मामूली कहासुनी के बाद शुरू हुआ था.
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बिना पुलिस वेरिफिकेशन के रखे गए थे 'अनऑफिशियल' गार्ड्स
वाराणसी में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर खड़े हुए इस गंभीर सवाल के बीच पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त रुख अपनाया है. एसीपी (कोतवाली) विजय प्रताप सिंह ने बताया कि जांच के दौरान सुरक्षा कंपनी के संचालक अनुज सिंह की बेहद गंभीर लापरवाही और कानून का उल्लंघन पाया गया. कंपनी ने घाट की सुरक्षा जैसे संवेदनशील काम के लिए ऐसे अनधिकृत (अनऑफिशियल) गार्ड्स को काम पर रख लिया था, जिनका न तो कोई बैकग्राउंड चेक कराया गया था और न ही कंपनी के रिकॉर्ड में उनका कोई फॉर्म भरा गया था. पुलिस ने हत्या के आरोप में जिन गार्ड्स को दबोचा है, उनकी पहचान पवन यादव, सूरज यादव, मनीष यादव और राहुल यादव के रूप में हुई है.
सीसीटीवी कैमरा गायब था
सोनभद्र के खलियारी इलाके के रहने वाले मृतक राजेश जायसवाल के साथ नमो घाट पर उनके चार दोस्त शिव जायसवाल, अक्षय गुप्ता, अंगद जायसवाल और रजनीश शाह भी मौजूद थे. इन सभी दोस्तों पर भी आरोपियों ने जानलेवा हमला किया था, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए और किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागने में कामयाब रहे. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरान करने वाली बात यह रोशनी में आई है कि नमो घाट के जिस विशिष्ट पॉइंट पर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया, ठीक उसी जगह पर कोई भी सीसीटीवी (CCTV) कैमरा काम नहीं कर रहा था या वहां कैमरा मौजूद ही नहीं था. फिलहाल पुलिस को मृतक की विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने का इंतजार है, ताकि मौत के तकनीकी कारणों की सटीक पुष्टि हो सके.
मुख्य संचालक कंपनी आज तक का समय
वाराणसी स्मार्ट सिटी के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) शाकंभरी नंदन ने इस प्रशासनिक और ठेके की व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि नमो घाट के संपूर्ण संचालन और रखरखाव का ठेका दिल्ली की एक निजी कंपनी 'रॉबर्ट्स ग्रुप्स' को 7 वर्षों के लिए दिया गया है, जिसकी समय सीमा साल 2027 में समाप्त होने वाली है. इसी दिल्ली की कंपनी ने आगे सुरक्षा व्यवस्था का सब-कॉन्ट्रैक्ट स्थानीय सिक्योरिटी एजेंसी को सौंप रखा था. इस बबाल और हत्या के बाद स्मार्ट सिटी प्रशासन ने मुख्य संचालन कंपनी 'रॉबर्ट्स ग्रुप्स' को एक सख्त 'शो कॉज' (कारण बताओ) नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है, जिसकी अंतिम मियाद आज (सोमवार) तक ही तय है. आपको बता दें कि सुरक्षा और प्रशासनिक नियमों के तहत नमो घाट को देर रात 12 से 1 बजे के बीच बंद कर दिया जाता है और सुबह 4 बजे इसे दोबारा खोला जाता है.
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