शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने यात्रा की तैयारी तो कर ली पर क्या लखनऊ में घुसने की मिलेगी इजाजत?

यूपी तक

06 Mar 2026 (अपडेटेड: 06 Mar 2026, 08:52 AM)

Shankaracharya Avimukteshwaranand: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गौ रक्षा के लिए वाराणसी से लखनऊ की यात्रा शुरू कर रहे हैं. उन्होंने गौ माता को राज्यमाता बनाने और बीफ निर्यात रोकने की मांग की है. साथ ही, उन्होंने यूपी की बुलडोजर नीति की तुलना वैश्विक युद्ध से की.

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गौ रक्षा की मुहिम को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती वाराणसी से लखनऊ तक की यात्रा शुरू कर रहे हैं. इस यात्रा का उद्देश्य गौ माता को 'राज्यमाता' का दर्जा दिलाने और बीफ निर्यात पर रोक लगाने की मांग को बुलंद करना है. वाराणसी के शंकराचार्य घाट से छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती (कल) के अवसर पर इस यात्रा का शंखनाद होगा. वाराणसी से निकलकर यात्रा जौनपुर, सुल्तानपुर और रायबरेली होते हुए 11 मार्च को लखनऊ के आशियाना स्थित मान्यवर कांशीराम स्मृति स्थल पहुंचेगी. 

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11 मार्च को विजय मुहूर्त (दोपहर 1:15 बजे) में वे गौ माता के लिए 'धर्म युद्ध' का शंखनाद करेंगे और ध्वज स्थापना करेंगे. शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दो प्रमुख मांगें की हैं. पहली ये कि गौ माता को उत्तर प्रदेश में 'राज्यमाता' घोषित किया जाए और उन्हें पशु सूची से हटाया जाए. दूसरी भारत से होने वाले बीफ निर्यात (गो मांस व्यापार) को पूरी तरह बंद किया जाए. उन्होंने कहा कि एक संन्यासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मांस का व्यापार शोभनीय नहीं है.

'बुलडोजर' नीति और वैश्विक युद्ध पर विचार

ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों की आलोचना करते हुए उन्होंने इसे "मत्स्य न्याय" (बड़ी मछली द्वारा छोटी मछली को निगलना) करार दिया. उन्होंने कहा कि विश्व की बड़ी शक्तियां निर्बल देशों को कुचल रही हैं और भारत सरकार भी इस पर मजबूती से नहीं बोल पा रही है. उन्होंने ईरान पर हो रहे हमलों की तुलना उत्तर प्रदेश की 'बुलडोजर नीति' से की. उन्होंने कहा कि जिसके पास ताकत है, वह बुलडोजर का इस्तेमाल कर दूसरों को डरा रहा है. उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों को भी एक प्रकार का "बुलडोजर" बताया, जो उनकी गौ रक्षा की मांग को दबाने के लिए चलाया जा रहा है. 

लखनऊ में कार्यक्रम की अनुमति की प्रक्रिया चल रही है. शंकराचार्य को उम्मीद है कि समय रहते अनुमति मिल जाएगी. उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों (आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा) को निराधार बताया और कहा कि ये उन्हें रोकने की एक साजिश है.