यूपी में प्लांटेशन के लिए अब पॉलीथीन की बजाय गोबर के गमले! 5 करोड़ गमला बनाए जाने का ये प्लान जान लीजिए

उत्तर प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए योगी सरकार की बड़ी पहल. 7000 गोशालाओं में बनेंगे 5 करोड़ गोबर के गमले. नर्सरियों में पॉलीथिन की जगह 'ऑर्गेनिक गमलों' का होगा इस्तेमाल. जानें इसके फायदे.

UP Cow Dung Pots Scheme

यूपी तक

• 09:29 AM • 08 Jan 2026

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उत्तर प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाने और गोवंश संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक क्रांतिकारी पहल की है. प्रदेश के आगामी वृहद पौधरोपण अभियान में अब पौधों को लगाने के लिए काली पॉलीथिन का नहीं बल्कि गाय के गोबर से बने ऑर्गेनिक गमलों का इस्तेमाल किया जाएगा. इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश भर में 5 करोड़ गमले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.

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7000 गोशालाएं बनेंगी प्रोडक्शन हब

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग ने इस योजना का खाका तैयार कर लिया है. प्रदेश की लगभग 7000 गोशालाओं को इस उत्पादन प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा. इससे न सिर्फ गोशालाएं आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे.

  • लक्ष्य: इस वर्ष लगभग 5 करोड़ गोबर के गमलों का निर्माण.
  • साझेदारी: महिला स्वयं सहायता समूह और युवा उद्यमियों को जोड़ने की योजना.
  • विभागों का समन्वय: गो सेवा आयोग और वन विभाग मिलकर नर्सरियों में इनका इस्तेमाल शुरू करेंगे.

पौधों के लिए सुपरफूड का काम करेंगे ये गमले

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता के अनुसार, ये गमले सिर्फ पर्यावरण ही नहीं बचाएंगे, बल्कि पौधों की उम्र भी बढ़ाएंगे. पौधरोपण के समय इन गमलों को हटाने की जरूरत नहीं होगी. ये मिट्टी में मिलकर खुद खाद बन जाएंगे. पॉलीथिन हटाते समय अक्सर पौधों की जड़ें डैमेज हो जाती हैं, लेकिन गोबर के गमलों में जड़ें सुरक्षित रहेंगी. गमले में मौजूद ऑर्गेनिक कंपोस्ट पौधों को शुरुआती एक साल तक जरूरी पोषण प्रदान करेगा, जिससे उनके जीवित रहने की दर बढ़ जाएगी.

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रोजगार और गोवंश संरक्षण का संगम

गो सेवा आयोग के ओएसडी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि इस पहल से प्लास्टिक कचरे में भारी कमी आएगी. साथ ही, गो पालकों के लिए आय के नए स्रोत बनेंगे. जब गोबर की व्यावसायिक मांग बढ़ेगी, तो गोवंश संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी. सरकार इस पहल को केवल सरकारी अभियान तक सीमित नहीं रखना चाहती. स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को भी इस प्लास्टिक मुक्त उत्तर प्रदेश अभियान से जोड़ा जाएगा. वन मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना के साथ बैठक में यह तय किया गया है कि प्रदेश की सरकारी नर्सरियों में अब इन ऑर्गेनिक गमलों को प्राथमिकता दी जाएगी. योगी सरकार की यह पहल 'वेस्ट टू वेल्थ' का बेहतरीन उदाहरण है. इससे पर्यावरण बचेगा, गोवंश का संरक्षण होगा और हजारों हाथों को काम मिलेगा.

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