Iran-Israel War Video Controversy ईरान-इजरायल युद्ध के बीच पोस्ट किया वीडियो, दुबई में सहारनपुर का युवक गिरफ्तार, अब सकुशल वापसी

Saharanpur priyam sharma dubai arrest: सहारनपुर के गोपालनगर निवासी युवक प्रियम शर्मा के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया एक वीडियो भारी पड़ गया.

UP News

Newzo

• 10:27 AM • 30 Apr 2026

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Saharanpur Dubai Arrest Case: सहारनपुर के गोपालनगर निवासी युवक प्रियम शर्मा के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया एक वीडियो भारी पड़ गया. इंटरनेशनल बिजनेस स्टडी के लिए 2025 में दुबई गए प्रियम को मार्च महीने में ईरान-इजरायल युद्ध के दौरान एक वीडियो पोस्ट करने के बाद दुबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. हालांकि, केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद अब वह सकुशल भारत लौट आए हैं.

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जानकारी के अनुसार, प्रियम शर्मा ने दुबई से सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें एक मिसाइल को इंटरसेप्ट होते हुए दिखाया गया था. यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया. वीडियो वायरल होने के दो दिन बाद ही दुबई पुलिस ने प्रियम को गिरफ्तार कर लिया.

प्रियम ने पुलिस को बताया कि उसने यह वीडियो केवल यह दिखाने के उद्देश्य से पोस्ट किया था कि दुबई में हालात नियंत्रण में हैं और किसी तरह की दहशत की स्थिति नहीं है. इसके बावजूद पुलिस ने उसकी दलील नहीं मानी और कोर्ट में पेश करने के बाद उसे आबू धाबी की जेल भेज दिया गया.

प्रियम के दोस्तों ने उसके पिता संजीव शर्मा को पूरी घटना की जानकारी दी. बेटे की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया. इसके बाद प्रियम के पिता ने सहारनपुर शहर के भाजपा विधायक राजीव गुंबर से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई. विधायक राजीव गुंबर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से संपर्क किया. उनके हस्तक्षेप के बाद राजीव गुंबर, प्रियम के पिता को साथ लेकर केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह से मिले और पूरे मामले की जानकारी दी.

केंद्रीय मंत्री द्वारा दुबई स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर मामले की जानकारी जुटाई गई. केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार प्रियम को आबू धाबी जेल से रिहा कर दिया गया. प्रियम 16 अप्रैल को दिल्ली पहुंचा, जहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह दो दिन पहले सहारनपुर लौट आया सहारनपुर पहुंचकर उसने विधायक राजीव गुंबर का धन्यवाद भी किया.

प्रियम ने बताया कि जेल में रहते हुए उसकी उम्मीदें धीरे-धीरे खत्म हो रही थीं. उसे लगने लगा था कि अब रिहाई मुश्किल है, क्योंकि अरब देशों में कानून काफी सख्त होते हैं. उसने बताया कि जेल में पर्याप्त पानी और भोजन नहीं मिल रहा था और परिवार से बात भी नहीं हो पा रही थी.

मानसिक दबाव भी काफी था. प्रियम के अनुसार, जब उसे अपनी रिहाई की जानकारी मिली तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. फिलहाल वह अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहता है और दुबई जाकर आगे की पढ़ाई जारी रखने पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है.

प्रियम के पिता संजीव शर्मा ने बताया कि बेटे की गिरफ्तारी की खबर सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई थी. उन्होंने तुरंत विधायक राजीव गुंबर से संपर्क किया, जो उन्हें लेकर दिल्ली गए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के हस्तक्षेप से ही उनका बेटा सुरक्षित भारत लौट सका. वहीं, विधायक राजीव गुंबर ने बताया कि परिवार से जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तुरंत उच्च स्तर पर संपर्क साधा.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह से बातचीत के बाद ही प्रियम की सकुशल रिहाई संभव हो पाई. उन्होंने कहा कि यह देश की मजबूत विदेश नीति का ही परिणाम है कि एक भारतीय नागरिक सुरक्षित वापस लौट सका.