Saharanpur News: गाज़ियाबाद और सहारनपुर में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अपराध को कभी भी जाति या धर्म के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उसे केवल अपराध की नजर से ही परखा जाना चाहिए.
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इमरान मसूद ने गाज़ियाबाद में सूरज चौहान की हत्या और एक अन्य मामले का जिक्र करते हुए कहा कि एक राष्ट्रीय स्तर के एथलीट की भी हत्या हुई है, और दोनों मामलों में सामने आ रही बात “दोस्ती के विवाद” की है. उन्होंने कहा कि “हत्या, हत्या होती है और हत्यारा, हत्यारा होता है, चाहे वह कोई भी हो.”
उन्होंने आगे कहा कि जब अपराध को जाति और धर्म के चश्मे से देखा जाता है, तो इससे न्याय व्यवस्था और अपराध नियंत्रण प्रभावित होता है. उनके अनुसार अपराधी की पहचान उसके कृत्य से होनी चाहिए, न कि उसकी सामाजिक या धार्मिक पहचान से.
मुख्यमंत्री के “दोस्ती में छूरेबाजी” वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है, लेकिन उसे केवल अपराध के रूप में देखा जाना चाहिए.
गौमाता के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए इमरान मसूद ने कहा कि यदि गाय को माता माना जाता है तो यह भावना हर स्थिति में समान रहनी चाहिए. उन्होंने टिप्पणी की कि “केवल दूध देने तक गाय को माता कहना और बाद में अलग व्यवहार करना” एक विरोधाभासी सोच है.
उन्होंने यह भी कहा कि भारत बड़े पैमाने पर बीफ निर्यात करने वाले देशों में शामिल है, इसलिए सरकार को इस विषय पर स्पष्ट और समान नीति अपनानी चाहिए.
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