PNB Fake Currency News: सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान ऐसा खुलासा हुआ, जिससे बैंक अधिकारियों में हड़कंप मच गया. जांच में करीब 7.40 करोड़ रुपये की कथित जाली करेंसी मिलने की बात सामने आई है. वहीं, इससे पहले आरबीआई को भेजी गई रकम में 4.36 लाख रुपये की कैश शॉर्टेज भी मिली थी. मामले में बैंक के चार कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है और चारों को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है. पुलिस अब कैश के पूरे ट्रेल, बैंक रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है.
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रकम के मिलान में खुली पहली गड़बड़ी
मामले की शुरुआत करीब 10-11 अगस्त के आसपास हुई, जब पीएनबी की ओर से आरबीआई भेजी गई रकम का मिलान किया गया. बैंक की मुख्य प्रबंधक निशा सिंह के मुताबिक, मिलान के दौरान 4.36 लाख रुपये की रकम कम मिली. इसके बाद बैंक स्तर पर एक जांच टीम गठित की गई. जांच आगे बढ़ी तो करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में कथित जाली नोट होने का मामला सामने आया. ऑडिट के दौरान करीब 7.40 करोड़ रुपये की कथित जाली करेंसी मिलने की जानकारी सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया.
चार लोगों पर FIR, सभी सस्पेंड
नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की. जाली करेंसी के मामले में मंडल कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक रवि कुमार, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा और हरियाणा के जगाधरी स्थित करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है. वहीं, 4.36 लाख रुपये की कैश कमी के मामले में हाउस कीपर विशाल कुमार पर कार्रवाई हुई है. बैंक ने मामले से जुड़े इन चारों लोगों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.
CCTV से लेकर कैश रिकॉर्ड तक खंगाल रही पुलिस
एसएसपी अभिनंदन के मुताबिक, वरिष्ठ बैंक अधिकारी की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. अब पुलिस और बैंक की टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि अलग-अलग शाखाओं से करेंसी चेस्ट तक रकम कैसे पहुंची, उसकी पैकिंग और गिनती किस तरह हुई और मिलान की प्रक्रिया में क्या हुआ. इसके अलावा कैश रिकॉर्ड और चेस्ट से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है. पूरे मामले में सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि करेंसी चेस्ट में रखी रकम के साथ किसी तरह की गड़बड़ी कब और कैसे हुई.
बैंक बोला- जाली नोट सर्कुलेशन में नहीं आए
मुख्य प्रबंधक निशा सिंह ने बताया कि कथित जाली करेंसी करेंसी चेस्ट में ही रखी थी और इसे सर्कुलेशन में नहीं भेजा गया था. बैंक प्रबंधन के मुताबिक, इन नोटों को किसी शाखा में वितरित नहीं किया गया. उन्होंने कहा, "डिटेल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति साफ होगी." फिलहाल बैंक ने अपनी गाइडलाइंस के तहत जरूरी कदम उठाते हुए मामला पुलिस को सौंप दिया है. पुलिस अब कैश की कमी और कथित जाली करेंसी से जुड़े पूरे मामले की जांच कर रही है, जिसके बाद यह स्पष्ट होगा कि इतनी बड़ी रकम करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची और इसमें किसकी भूमिका थी.
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