Raebareli Trains News: रायबरेली के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिले की चरमराती रेल व्यवस्था को लेकर सीधे केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन की घेराबंदी कर दी है. राहुल गांधी ने मंडल रेल प्रबंधक (DRM) को एक लंबी-चौड़ी चिट्ठी लिखकर सवाल दागा है कि आखिर कोरोना काल से बंद पड़ी ट्रेनें अब तक पटरी पर क्यों नहीं लौटीं? क्या रायबरेली की जनता को जानबूझकर सजा दी जा रही है?
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कोरोना का बहाना और जनता का 'दम' निकाला!
राहुल गांधी ने अपनी मांग सूची में सबसे ऊपर उन 8 पैसेंजर ट्रेनों का जिक्र किया है जो कोरोना काल के बाद से आज तक बंद हैं. उन्होंने दो टूक कहा कि कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और बरेली को जोड़ने वाली इन ट्रेनों के न चलने से आम आदमी, छात्र और छोटे व्यापारी हलकान हैं. सवाल उठ रहा है कि जब देश में 'बुलेट ट्रेन' और 'वंदे भारत' का शोर है, तो रायबरेली की गरीब जनता की लाइफलाइन (पैसेंजर ट्रेनों) को क्यों रोक कर रखा गया है?
अधूरे 'अंडरपास' और जलभराव: रेलवे के दावों की खुली पोल
सांसद ने रेलवे की निर्माण कार्यशैली पर भी तीखे कटाक्ष किए हैं. उन्होंने पत्रों में स्पष्ट किया कि ईदगाह रायबरेली, एकौना और दरियापुर जैसे कई अंडरपास बारिश के दिनों में 'तालाब' बन जाते हैं जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या रेलवे को जनता की परेशानी नहीं दिखती?
आम जन को जाम से मुक्ति कब?
पत्र में रायबरेली-मलिकमऊ रोड, लालगंज-बछरावां रोड और मुराई बाग क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज (ROB) बनाने की पुरजोर मांग की गई है. राहुल ने साफ कहा कि इन क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से आम आदमी का कीमती समय बर्बाद हो रहा है और रेलवे मूकदर्शक बनी हुई है.
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