Raebareli News : अगर आप रायबरेली में मकान मालिक हैं या किराए के कमरे के लिए भटकते युवा, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला देगी. अब आपको 11-12 महीने के रेंट एग्रीमेंट के लिए उप निबंधन कार्यालय (रजिस्ट्री दफ्तर) की तपती धूप, लंबी लाइनों और दलालों के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. जिले में बुधवार से एक ऐसी डिजिटल क्रांति की शुरुआत हो गई है, जिससे आपका रेंट एग्रीमेंट अब घर बैठे-बैठे, चाय की चुस्की लेते हुए बन जाएगा. जी हां, सरकार ने मकान मालिकों और किराएदारों को 'कचहरी के झंझट' से परमानेंट आज़ादी दे दी है.
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अब तक रेंट एग्रीमेंट कराने का मतलब होता था स्टांप पेपर खरीदो, वकील ढूंढो, नोटरी कराओ और फिर सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाओ. लेकिन अब इस सिरदर्द का 'द एंड' हो चुका है. ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होते ही रेंट एग्रीमेंट का सर्टिफिकेट आपके मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर खुद-ब-खुद तैरता हुआ आ जाएगा. यानी न बाबू की मिन्नतें करने की जरूरत, न ही दफ्तर के चक्कर लगाने की टेंशन.
कैसे होगा काम? समझें पूरा गणित
उप निबंधक सदर ब्रजेश पाठक ने इस नई सहूलियत का पूरा खाका पेश किया है. उन्होंने बताया कि अब 12 महीने तक की अवधि के किराएनामे के लिए दफ्तर की शक्ल भी देखने की जरूरत नहीं है. आपको यूपी सरकार की आधिकारिक वेबसाइट igrsup.gov.in पर जाना होगा.वहां मांगी गई जरूरी जानकारियां भरनी होंगी. स्टांप शुल्क (Stamp Duty) के लिए भी बैंक की लाइन में नहीं लगना है, वो भी ऑनलाइन ही जमा हो जाएगा. प्रक्रिया पूरी होते ही डिजिटल सर्टिफिकेट आपके हाथ में होगा, जिसकी कानूनी मान्यता शत-प्रतिशत होगी.
जनता को मिली 'बड़ी राहत', दलालों के उड़े होश
इस नई व्यवस्था के लागू होते ही उन बिचौलियों और दलालों के होश उड़ गए हैं जो रेंट एग्रीमेंट के नाम पर जनता की जेब ढीली किया करते थे. जिले के लोगों ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए इसे 'टाइम और पैसा' दोनों बचाने वाला मास्टरस्ट्रोक बताया है. अगर आपका भी किराएदार बदलने वाला है या आप नए घर में शिफ्ट हो रहे हैं, तो लैपटॉप खोलिए और 'डिजिटल रायबरेली' के इस डिजिटल फायदे का लुत्फ उठाइए.
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