Raebareli Weather 3 August 2026: भीषण गर्मी, बढ़ती उमस और मानसूनी बारिश की बेरुखी ने जिले के किसानों की नींद उड़ा दी है. सावन के महीने में भी झमाझम बारिश न होने से अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें गहराने लगी हैं. बादलों की आवाजाही के बावजूद बारिश न होने से धान के लहलहाते खेतों में पानी की जगह दरारें देखने को मिल रही हैं। मौसम का यह रुख सीधे तौर पर धान की रोपाई और फसल की सेहत को प्रभावित कर रहा है.
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बूंदाबांदी से नहीं बुझ रही खेतों की प्यास
जिले में बीते कई दिनों से मौसम का मिजाज अजीब बना हुआ है. दिनभर आसमान में बादल तो उमड़ते-घुमड़ते नजर आते हैं, लेकिन बिना बरसे ही आगे निकल जाते हैं. कहीं-कहीं हुई हल्की बूंदाबांदी से खेतों की प्यास तक नहीं बुझ पा रही है. पानी के अभाव में धान की रोपाई का काम पूरी तरह रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है, जिससे किसान लगातार आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार करने को मजबूर हैं.
नलकूपों का गर्म पानी भी बढ़ा रहा मुसीबत
मौसम की मार से बचने के लिए जिन किसानों ने निजी नलकूपों के सहारे धान की रोपाई करा भी ली थी, उनकी चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. लगातार बढ़ रहे तापमान और तेज धूप के कारण खेतों की नमी तेजी से भाप बनकर उड़ रही है. किसानों का कहना है कि भीषण गर्मी के चलते नलकूपों से निकलने वाला पानी भी काफी गर्म हो रहा है, जिससे धान के नाजुक पौधों के झुलसने और फसल नष्ट होने का खतरा मंडराने लगा है.
उमस से जनजीवन भी बेहाल
बारिश न होने और दिनभर खिल रही कड़क धूप के कारण आम जनजीवन भी बेहाल है. हवा ठप्प होने से उमस का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों का पसीने से बुरा हाल है. फिलहाल, मौसम विशेषज्ञों की मानें तो जब तक तगड़ी मानसूनी बारिश नहीं होती, तब तक किसानों की उम्मीदों पर बना यह संकट टलता नजर नहीं आ रहा है.
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