Raebareli News: डलमऊ में विकराल हुई गंगा, खतरे के निशान से 40 सेमी दूर जलस्तर, बाढ़ चौकियों से अमला गायब

Newzo

• 11:29 AM • 06 Aug 2026

Raebareli Flood News: रायबरेली के डलमऊ में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से महज 40 सेंटीमीटर दूर पहुंच गया है. बढ़ते जलस्तर से कई गांवों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है, फसलें जलमग्न हो गई हैं और स्थानीय लोगों ने बाढ़ चौकियों पर प्रशासनिक अमले की अनुपस्थिति को लेकर चिंता जताई है.

 डलमऊ में विकराल हुई गंगा, खतरे के निशान से 40 सेमी दूर जलस्तर, बाढ़ चौकियों से अमला गायब

डलमऊ में विकराल हुई गंगा, खतरे के निशान से 40 सेमी दूर जलस्तर, बाढ़ चौकियों से अमला गायब

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Raebareli Flood News: पहाड़ी इलाकों में जारी मूसलाधार बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा नदी विकराल रूप धारण करती जा रही है. डलमऊ क्षेत्र में नदी का जलस्तर हर घंटे तेजी से बढ़ रहा है. बुधवार को अचानक पानी चेतावनी बिंदु को पार कर गया, जिससे तटीय और बाढ़ आशंकित इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. तटवर्ती क्षेत्रों में नदी ने भीषण कटान शुरू कर दिया है, जिससे करीब 400 बीघा से अधिक क्षेत्रफल में लगी धान, हरी सब्जियों और पशुओं के चारे की फसलें पानी में पूरी तरह डूबकर नष्ट हो गई हैं.

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​केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 97.620 मीटर दर्ज किया गया था, जो शाम पांच बजे तक बढ़कर 97.870 मीटर पर पहुंच गया. अब जलस्तर खतरे के निशान से महज 40 सेंटीमीटर दूर रह गया है. डलमऊ के प्रमुख स्नान घाटों पर तीर्थ पुरोहितों की चौकियां और तट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं.

​दर्जनभर गांवों पर मंडराया संकट, पशुपालक लाचार

जलस्तर में हुई इस तीव्र वृद्धि से डलमऊ तहसील क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव सीधे प्रभावित हुए हैं. चकमलिक भीटी, मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, आंबा, पूरे बबुरा, पूरे डंगरी, पूरे नया, खपराताल, पूरे रेवती, लुक चांदपुर और कल्याणपुर बेती के ग्रामीण भारी दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं. फसलों के डूबने से ग्रामीणों के सामने आजीविका के साथ-साथ मवेशियों के चारे का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है.

कागजों में मुस्तैदी, धरातल पर सन्नाटा

एक तरफ प्रशासनिक अधिकारी गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी का दावा कर रहे हैं, वहीं धरातल पर तैयारियां शून्य नजर आ रही हैं. डलमऊ गंगा घाट पर न तो सुरक्षा के लिहाज से नाविक तैनात हैं और न ही गोताखोर दिखाई दे रहे हैं. बाढ़ चौकियों पर भी पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे किसी भी वक्त गंगा घाट पर बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.