Raebareli DM News: प्रदेश में लगातार बढ़ रहे पारे और भीषण गर्मी के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर आ गया है. बढ़ती तपिश के कारण होने वाले संभावित हादसों और अग्निकांडों पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) सरनीत कौर ब्रोका ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. डीएम ने जिले के सभी होटलों, रेस्टोरेंटों, अस्पतालों, शॉपिंग मॉल और अन्य सार्वजनिक संस्थानों के लिए बेहद सख्त सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की हैं. लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ अब सीधे सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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संयुक्त टीमें करेंगी ताबड़तोड़ छापेमारी
जिलाधिकारी ने सुरक्षा मानकों की हकीकत परखने के लिए तहसील स्तर पर प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों की संयुक्त टीम का गठन किया है. इस टीम में उपजिलाधिकारी (एसडीएम), अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) और विद्युत सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है. डीएम ने निर्देश दिए हैं कि ये टीमें जिले के सभी सार्वजनिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करेंगी.
लापरवाही पर होगी जेल, बर्दाश्त नहीं होगा खिलवाड़
डीएम ने बताया कि जनता की जान-माल की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. भीषण गर्मी में जरा सी चूक बड़े हादसे का सबब बन सकती है. सभी संस्थान तय सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें. जांच में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो दोषियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन और संबंधित धाराओं के तहत कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
गर्मी के मौसम में क्यों बढ़ जाती है जोखिम की आशंका
गर्मी के मौसम में बिजली के उपकरणों पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो सकती है. इससे आग लगने और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए, जिला प्रशासन समय-समय पर सार्वजनिक स्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करता है. रायबरेली में भी प्रशासन ने सावधानी बरतने के लिए निरीक्षण अभियान शुरू करने का फैसला किया है, ताकि किसी भी संभावित हादसे को पहले ही रोका जा सके.
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