Raebareli Accident News: नियति का खेल भी कितना क्रूर होता है, इसका अंदाजा सरेनी इलाके में घटी इस हिला देने वाली वारदात से लगाया जा सकता है. जिस घर में कल तक बेटियों की शादी की चहल-पहल थी, कपड़े और गहनों की खरीदारी की चर्चा थी, आज वहाँ कलेजा चीर देने वाला सन्नाटा और अपनों की चीखें गूंज रही हैं. एक आवारा कुत्ते को बचाने के चक्कर में ऐसा काल का पहिया घूमा कि परिवार का चिराग हमेशा-हमेशा के लिए बुझ गया.
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कारीगर को बयाना देने निकले थे, रास्ते में घात लगाए बैठा था काल
प्राप्त विवरण के अनुसार, सरेनी थाना क्षेत्र के बेलहा गांव निवासी संजय (38) के घर में बेटी की शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं. हर पिता की तरह संजय की आंखों में भी अपनी लाडली को विदा करने के अरमान थे सोमवार को संजय अपने बुजुर्ग पिता गोकर (70) और छोटे भाई लवकुश (36) के साथ बाइक पर सवार होकर महरानीगंज के लिए निकले थे. उन्हें शादी का खाना बनाने वाले हलवाई (कारीगर) से बात करनी थी और साईं का बयाना (एडवांस) देना था. लेकिन किसे पता था कि यह सफर आखिरी साबित होगा.
कुत्ते को बचाते ही पलटी बाइक, मच गई चीख-पुकार
चश्मदीदों के मुताबिक, जैसे ही इनकी बाइक खीरों थाने की सेमरी पुलिस चौकी क्षेत्र के खपुरा गांव के पास पहुंची, तभी अचानक एक आवारा कुत्ता तेज रफ्तार बाइक के आगे आ गया कुत्ते को बचाने की छटपटाहट में संजय ने जोर से ब्रेक मारा, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर हाइवे पर ही घिसटती चली गई. तीनों सड़क पर दूर जा गिरे. हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई. आनन-फानन में 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई, जिससे तीनों लहूलुहान घायलों को लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया.
सीएचसी के डॉ. गौरव पांडेय ने परीक्षण के बाद संजय (38) को मृत घोषित कर दिया. यह सुनते ही साथ आए परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. वहीं, छोटे भाई लवकुश की हालत नाजुक होने के कारण प्राथमिक उपचार देकर उसे तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
संजय की मौत की खबर जैसे ही बेलहा गांव पहुंची, कोहराम मच गया. मृतक अपने पीछे पत्नी राशी देवी, वृद्ध मां रामदुलारी, बेटी शिवांशी और बेटे शिवांश को रोता-बिलखता छोड़ गया है. बदहवास पत्नी राशी का रो-रोकर बुरा हाल है, वह बार-बार एक ही बात कह रही है अब बिटिया के हाथ पीले कौन करेगा. इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में चूल्हा तक नहीं जला और हर आंख नम है.
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