Raebareli News: साइबर ठगों ने जाल तो बुना था लाखों की 'कमाई' का, लेकिन उन्हें शायद रायबरेली पुलिस के इरादों की भनक नहीं थी. जिले की साइबर सेल ने तकनीक और मुस्तैदी का ऐसा चक्रव्यूह रचा कि ठगों के होश उड़ गए. पुलिस ने अलग-अलग मामलों में ठगी का शिकार हुए 16 पीड़ितों के 8,08,007 रुपये वापस कराकर उनके घर की खुशियां बहाल कर दी हैं.
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एसपी के निर्देश पर 'ऑपरेशन रिकवरी'
मामला तब गरमाया जब पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के पास साइबर ठगी की शिकायतों का अंबार लगा. एसपी ने इसे चुनौती के रूप में लिया और साइबर क्राइम पुलिस थाने को तत्काल एक्शन का आदेश दिया. प्रभारी निरीक्षक अजय सिंह तोमर के नेतृत्व वाली टीम ने बिना वक्त गंवाए संदिग्ध बैंक खातों को रडार पर लिया और उन्हें 'फ्रीज' (सीज) करा दिया. नतीजा यह हुआ कि ठगों के पास जमा जनता की मेहनत की कमाई वापस उनके खातों में पहुंच गई.
इनके खातों में वापस लौटी रकम
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़ी सफलता कोतवाली नगर निवासी शिशिर श्रीवास्तव के मामले में मिली, जिनके 6,21,656 रुपये वापस कराए गए. इसके अतिरिक्त बछरावां के अशोक नारायण मिश्रा (37,000 रुपये), भदोखर की प्राची (25,000 रुपये), सरेनी के हरिकिशोर (20,180 रुपये) और डीह के अजय कुमार मौर्या (14,999 रुपये) सहित कुल 16 लोगों की गाढ़ी कमाई वापस दिलाई गई है.
एसपी की अपील: लालच में न गंवाएं अपनी पूंजी
एसपी रवि कुमार ने जनपद वासियों को डिजिटल ठगी से बचने के लिए सुरक्षा मंत्र दिए हैं.उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, पिन या पासवर्ड साझा न करें. किसी भी संदिग्ध लिंक या अनजान ऐप के जरिए भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें.
साइबर अपराध की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें. जितनी जल्दी सूचना दी जाएगी, पैसा वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी.
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