प्रयागराज में उस वक्त कोहराम मच गया जब आलू के एक कोल्ड स्टोरेज का गोदाम अचानक भरभरा कर गिर गया. इस भयानक हादसे में कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए, लेकिन अंकित नाम के एक युवक के लिए उसका भाग्य रक्षक बनकर आया. हादसे के वक्त अंकित पास ही स्थित नहाने की जगह पर था, जिसकी वजह से वह मलबे की सीधी जद में आने से बच गया. हालांकि उसे कुछ चोटें आई हैं, लेकिन उसकी जान सुरक्षित है.
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17 एम्बुलेंस और बुलडोजरों के साथ महा-रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) की टीमें राहत कार्य में जुट गईं. मलबे की विशालता को देखते हुए मौके पर 17 एम्बुलेंस और कई बुलडोजर तैनात किए गए हैं ताकि फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके. स्थानीय लोग भी प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं. प्रशासन का पूरा जोर हर एक दबे हुए व्यक्ति को जीवित तलाशने पर है.
मजदूरों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर मजदूरों की सुरक्षा और काम करने की स्थितियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. गोदाम के अचानक गिरने से बिखरे मलबे ने चारों ओर तबाही का मंजर पैदा कर दिया. अंकित और उसके जैसे कुछ अन्य लोग जो पास में मौजूद थे, उनके सुरक्षित बचने से उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है. सरकारी एजेंसियां मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों की तलाश के लिए लगातार मुस्तैद हैं.
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