उत्तर प्रदेश के मथुरा में गौ रक्षक और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दक्ष चौधरी की गिरफ्तारी को लेकर माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है. 21 मार्च 2026 को हुई हिंसक झड़प और हाईवे जाम करने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए दक्ष चौधरी को हिरासत में लिया है.
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कैसे शुरू हुआ विवाद? चंद्रशेखर बाबा की मौत और बवाल
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ें 21 मार्च को हुई एक दुखद घटना से जुड़ी हैं. प्रसिद्ध गौ सेवक चंद्रशेखर बाबा की आकस्मिक मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार के दौरान समर्थकों ने इसे साजिश बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया था. पुलिस जब भीड़ को नियंत्रित करने पहुंची, तो प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और नेशनल हाईवे को जाम कर दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प, पत्थरबाजी और लाठीचार्ज की नौबत आ गई.
दक्ष चौधरी पर आरोप- उपद्रव और पुलिस को धमकी
मथुरा पुलिस का आरोप है कि दक्ष चौधरी ने न केवल भीड़ को उकसाया और हाईवे जाम किया, बल्कि सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पुलिस अधिकारियों को खुलेआम धमकी भी दी. वायरल वीडियो में दक्ष का पुलिस के साथ विवादित व्यवहार और तीखी बयानबाजी साफ देखी जा सकती है. पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दक्ष और उनके कई साथियों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.
सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
दक्ष चौधरी की गिरफ्तारी के तरीके को लेकर उनके समर्थक और देशभर के गौ रक्षक संगठन भड़के हुए हैं. समर्थकों का कहना है कि पुलिस ने जानबूझकर दक्ष को अपमानित किया और उन पर झूठे मुकदमे लादे गए हैं. वहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक और सामाजिक संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए यह कठोर कदम उठाना अनिवार्य था. वर्तमान में ब्रज क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है.
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