अबान की मौत के बाद भाई उमर के समर्थकों ने प्रतापगढ़ से लेकर प्रयागराज तक मचाया बवाल

यूपी तक

• 01:36 PM • 10 Aug 2026

उमर अहमद के काफिले में टोल प्लाजा पर विवाद हुआ. निजी वाहनों ने टोल टैक्स नहीं दिया. पुलिस जांच कर रही है. पूरा मामला संवेदनशील है.

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उत्तर प्रदेश में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान के सुपुर्द-ए-खाक के दौरान प्रयागराज से लेकर लखनऊ और प्रतापगढ़ तक भारी राजनीतिक व प्रशासनिक हलचल देखने को मिली. 6 अगस्त को हुए भीषण सड़क हादसे में अबान की मौत के बाद 8 अगस्त को उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जेल में बंद बड़े भाई उमर (5 साल बाद) और अली (4 साल बाद) पैरोल पर प्रयागराज पहुंचे. एक तरफ जहां कब्रिस्तान में बेकाबू होती भीड़ को खुद उमर हाथ जोड़कर शांत कराता नजर आया. वहीं दूसरी तरफ लखनऊ से प्रयागराज के रास्ते में समर्थकों की गाड़ियों के काफिले ने कई जगहों पर जमकर तांडव मचाया. प्रतापगढ़ और प्रयागराज के दो टोल प्लाजा पर समर्थकों ने जबरन बूम बैरियर तोड़े और कर्मचारियों को कुचलने का प्रयास किया जिसके बाद पुलिस ने कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

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कब्रिस्तान में बैरिकेड्स टूटे, उमर ने की शांति की अपील

अबान को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए जब पुलिस की प्रिजन वैन उमर और अली को लेकर कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंची तो वहां समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा. भीड़ ने पुलिस के बैरिकेड्स गिरा दिए जिससे पुलिस अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए. स्थिति बिगड़ती देख प्रिजन वैन में बैठा उमर समर्थकों से हाथ जोड़कर शांत रहने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील करता नजर आया. इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.

प्रतापगढ़ में गुंडागर्दी

काफिले के रास्ते में सबसे बड़ा बवाल प्रतापगढ़ के हथगाम/हथियागवा थाना क्षेत्र स्थित कुटिया अख्तियारी टोल प्लाजा पर हुआ. आरोप है कि सरकारी गाड़ियों के गुजरने के बाद पीछे चल रही समर्थकों की स्कॉर्पियो, थार और अन्य गाड़ियों ने फास्टैग व टोल टैक्स बचाने के चक्कर में जबरन बैरियर तोड़ दिए. विरोध करने पर टोल कर्मियों से अभद्रता की गई और उन पर गाड़ियां चढ़ाने की कोशिश की गई. टोल मैनेजर मोहम्मद इसहाक की तहरीर पर पुलिस ने संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपद्रवियों की शिनाख्त की जा रही है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा.

नवाबगंज टोल प्लाजा पर भी हुआ बवाल

ऐसी ही दूसरी घटना प्रयागराज के नवाबगंज थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-19 पर स्थित टोल प्लाजा (बूथ नंबर तीन) पर घटी. पुलिस सुरक्षा में चल रही गाड़ियों के पीछे महिंद्रा XUV और क्रेटा जैसी 25 से 30 निजी गाड़ियां तेज रफ्तार में बूम बैरियर तोड़कर निकल गईं. टोल कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं और कुचलने का प्रयास किया गया जिससे कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई. इसका भी सीसीटीवी वीडियो सामने आया है और पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है.

अतीक के रसूख पर फिर शुरू हुई नई बहस

6 अगस्त को झांसी-कानपुर हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में अतीक के सबसे छोटे बेटे अबान और उसके दोस्त सोनू की जान चली गई थी. 8 अगस्त को हुए अंतिम संस्कार में उमर और अली को मिट्टी देने की इजाजत मिली थी.

हालांकि अबान को अंतिम विदाई देने के बहाने जिस तरह से हजारों की भीड़ कब्रिस्तान पहुंची और रास्ते भर टोल प्लाजा पर समर्थकों की गाड़ियों का दबंगई भरा रवैया देखने को मिला उसने प्रयागराज की राजनीति और जरायम की दुनिया में अतीक परिवार के असर को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह महज एक गमगीन परिवार के प्रति सहानुभूति थी या फिर कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने का संगठित प्रयास.