पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर PCS अधिकारी ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्या के बीच रिश्तों में नरमी और सुलह की खबरें चल रही थीं. इन खबरों पर अब ज्योति मौर्य का रिएक्शन सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ज्योति मौर्य को नहीं पता कि इस तरह की बातें कहां से और क्यों फैलाई जा रही हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके और आलोक के बीच तलाक की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और अगले 2 महीनों के भीतर यह रिश्ता कानूनी तौर पर पूरी तरह खत्म हो जाएगा.
ADVERTISEMENT
कानूनी लड़ाई और गुजारा भत्ते की मांग
वर्तमान में गाजियाबाद में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात ज्योति मौर्य और प्रतापगढ़ के पंचायती राज विभाग में कार्यरत आलोक मौर्या के बीच का यह विवाद अब पूरी तरह कानूनी जंग में तब्दील हो चुका है. प्रयागराज जिला कोर्ट से लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट तक इस मामले की सुनवाई जारी है. जहां एक तरफ आलोक मौर्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ज्योति से गुजारा भत्ते की मांग की है, वहीं ज्योति मौर्य ने जिला कोर्ट में तलाक की अर्जी देकर इस रिश्ते से हमेशा के लिए अलग होने का फैसला किया है. उनकी दोनों बेटियां फिलहाल ज्योति मौर्या के साथ गाजियाबाद में रह रही हैं.
सफलता की मिसाल से विवादों के घेरे तक का सफर
साल 2010 में विवाह के बंधन में बंधे आलोक और ज्योति की कहानी कभी संघर्ष और सफलता की मिसाल मानी जाती थी. शादी के बाद ज्योति ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और साल 2015 में पीसीएस परीक्षा पास कर एसडीएम बनीं. हालांकि, यह रिश्ता तब विवादों में आ गया जब आलोक मौर्य ने ज्योति पर पीसीएस बनने के बाद दूरी बनाने, दूसरे अधिकारी से संबंध और रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए. पलटवार करते हुए ज्योति मौर्या ने भी आलोक पर दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया. फिलहाल, आलोक अपने आरोपों को साबित नहीं कर पाए हैं और मामला कोर्ट में विचाराधीन है.
ADVERTISEMENT









