न बेटे असद के जनाजे में आई, न पति अतीक अहमद की मौत पर सामने आई... लेकिन क्या माफिया अतीक अहमद की फरार चल रही पत्नी शाइस्ता अपने सबसे छोटे और लाडले बेटे अबान अहमद को आखिरी बार देखने के लिए सामने आएगी? उत्तर प्रदेश के झांसी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की मौत के बाद से यह सवाल एक बार फिर राजनीतिक और पुलिस महकमे में तेजी से तैरने लगा है. सवाल वही पुराना और बड़ा है कि क्या शाइस्ता परवीन अपने बेटे को आखिरी अलविदा कहने के लिए अपनी फरारी तोड़ेगी? या फिर पुलिस इस बार उसे कसारी-मसारी कब्रिस्तान के आसपास से दबोच पाएगी?
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असद और अतीक की मौत पर भी नहीं तोड़ी थी फरारी
यह सवाल अचानक से खड़ा नहीं हुआ है बल्कि इसके पीछे एक पूरा घटनाक्रम है. 13 अप्रैल 2023 को जब झांसी में उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में अतीक का तीसरा बेटा असद अहमद मारा गया था तब भी यह कयास लगाए जा रहे थे कि शाइस्ता अपने बेटे को आखिरी दफा देखने कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंचेगी. पुलिस ने भारी फोर्स के साथ जाल बिछा रखा था लेकिन असद सुपुर्दे-खाक हो गया और शाइस्ता नहीं आई.
इसके ठीक दो दिन बाद 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में मेडिकल जांच के दौरान अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. पति की मौत के बाद भी शाइस्ता परवीन ने अपनी फरारी नहीं तोड़ी.पुलिस का पूरा तंत्र मुस्तैद रहा लेकिन वह सामने नहीं आई.
लाडले बेटे आबान के लिए क्या टूटेगी फरारी की दीवार?
झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में कार डिवाइडर से टकरा गई जिसमें अतीक के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद और उसके एक साथी सोनू की मौत हो गई. 1 अक्टूबर 2025 को नैनी जेल से झांसी जेल शिफ्ट किए गए अपने बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात करने जा रहे आबान की अचानक मौत की खबर से हर कोई हैरान है.अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अपने सबसे छोटे और लाडले बेटे के लिए शाइस्ता परवीन तमाम बंदिशें तोड़कर सामने आएगी?
3 साल से पुलिस की पकड़ से दूर है शाइस्ता
फरवरी 2023 में प्रयागराज में हुए चर्चित उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन लगातार फरार चल रही है. उस पर कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और पुलिस ने उस पर इनाम भी घोषित कर रखा है. दर्जनों छापेमारी, कई राज्यों में खाक छानने और मजबूत पुलिस तंत्र के बावजूद शाइस्ता का अब तक न पकड़ा जाना पुलिसिया कार्रवाई पर भी सवाल खड़े करता है.
झांसी हादसे के बाद एक बार फिर कसारी-मसारी कब्रिस्तान से लेकर प्रयागराज तक पुलिस अलर्ट मोड पर है. देखना होगा कि क्या शाइस्ता इस बार अपने बेटे के अंतिम दर्शन के लिए सामने आती है या फिर फरारी का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा.
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