Parveen Qureshi Sister of Atiq Ahmed: अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की झांसी सड़क हादसे में मौत के बाद अब प्रयागराज में उसके अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है. अबान को कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. एक तरफ परिवार अंतिम विदाई की तैयारी में जुटा है, तो दूसरी ओर जेल में बंद उसके दोनों बड़े भाइयों उमर अहमद और अली अहमद के प्रयागराज पहुंचने का इंतजार है. इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा उस नाम की हो रही है, जिसके घर पर पिछले दो दिनों से अबान का शव रखा गया है. यह नाम है परवीन कुरैशी. आखिर कौन हैं परवीन कुरैशी और अतीक अहमद के परिवार से उनका क्या रिश्ता है?
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अतीक की बहन हैं परवीन कुरैशी
परवीन कुरैशी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि अतीक अहमद की बहन और अबान अहमद की बुआ हैं. अतीक अहमद की मौत के बाद उनके दोनों नाबालिग बेटों एहजम और अबान की देखभाल और कस्टडी को लेकर सवाल खड़े हुए थे. उस समय अतीक की पत्नी शाहिस्ता परवीन फरार थीं और दोनों बच्चे पुलिस की निगरानी में बाल संरक्षण गृह में रखे गए थे. बाद में दोनों बच्चों की कस्टडी परवीन कुरैशी को दी गई. इसके बाद एहजम और अबान अपनी बुआ के साथ प्रयागराज के हटवा गांव में रहने लगे. दोनों भाई और उनकी बुआ लंबे समय तक मीडिया की नजरों से दूर रहे.
अतीक की मौत के बाद सामने आया था नाम
15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में पुलिस कस्टडी के दौरान अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद अतीक के दोनों नाबालिग बेटों को लेकर काफी चर्चा हुई. उस समय उनकी मां शाहिस्ता परवीन फरार थीं, जबकि दोनों बच्चे बाल संरक्षण गृह में थे. बच्चों की कस्टडी को लेकर प्रक्रिया शुरू हुई और इसी दौरान परवीन कुरैशी का नाम सामने आया. वह अतीक की बहन होने के साथ दोनों नाबालिग बच्चों की बुआ थीं. बाद में बाल संरक्षण गृह से बाहर आने के बाद दोनों भाई उनके साथ हटवा गांव में रहने लगे. अब उसी घर में अबान का शव रखा गया है.
बुआ के घर रखा गया शव
अतीक अहमद का पुराना घर बुलडोजर कार्रवाई के बाद अब पहले जैसा नहीं है. ऐसे में अबान के शव को प्रयागराज के हटवा गांव स्थित परवीन कुरैशी के घर पर रखा गया है. 6 अगस्त को अबान अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने के लिए प्रयागराज से झांसी जा रहा था. रास्ते में झांसी हाईवे पर तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा गई. हादसे में दो लोगों की मौत हुई, जिनमें अबान अहमद भी शामिल था. झांसी में पोस्टमार्टम के बाद देर रात शव को प्रयागराज के लिए रवाना किया गया और 7 अगस्त की सुबह शव बुआ के घर पहुंचा.
हर 15 दिन में भाई से मिलने जाता था अबान
जानकारी के मुताबिक अबान अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने के लिए झांसी जेल जाता था. इसी क्रम में 6 अगस्त को भी वह प्रयागराज से झांसी के लिए निकला था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी. जिस भाई से मिलने के लिए अबान झांसी जा रहा था, अब उसी अली अहमद को हाईकोर्ट से पैरोल मिलने के बाद अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रयागराज लाया जा रहा है. 7 अगस्त को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अली और उमर अहमद को कुछ शर्तों के साथ अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी.
आज होगा अबान का अंतिम संस्कार
पैरोल मंजूर होने के बाद 8 अगस्त की सुबह अली अहमद को झांसी जेल से भारी पुलिस सुरक्षा के बीच प्रयागराज के लिए रवाना किया गया. वहीं लखनऊ जेल में बंद उमर अहमद को भी प्रयागराज लाया जाएगा. अबान के अंतिम संस्कार को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम किए हैं और हटवा गांव में भी पुलिस बल तैनात है. परवीन कुरैशी के घर से दोनों भाइयों के पहुंचने के बाद अबान के शव को कसारी-मसारी कब्रिस्तान ले जाया जाएगा. आज देर शाम तक अबान अहमद को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की तैयारी है.
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