उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है जहां अवैध संबंधों के आड़े आ रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रच डाली. ई-रिक्शा चालक हरीश चंद्र की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई और वारदात को सड़क हादसा रूप देने के लिए शव को बूढ़ी राप्ती नदी में फेंककर ई-रिक्शा को दुर्घटनाग्रस्त हालत में छोड़ दिया गया. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की तफ्तीश में इस पूरी सुपारी किलिंग का पर्दाफाश हो गया. पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और सुपारी लेकर हत्या करने वाले दो शूटरों समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
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सड़क हादसा दिखाने की नाकाम साजिश
घटना सिद्धार्थनगर जिले के डिबरवा थाना क्षेत्र की है. 30 अगस्त की रात गश्त के दौरान पुलिस को सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त हालत में एक ई-रिक्शा मिला. जांच करने पर पता चला कि यह ई-रिक्शा इटवा थाना क्षेत्र के कपिएवा निवासी हरीश चंद्र का था. लेकिन मौके पर चालक गायब था. अनहोनी की आशंका में पुलिस ने केस दर्ज कर तलाश शुरू की. कई घंटों की खोजबीन के बाद बूढ़ी राप्ती नदी से हरीश चंद्र का शव बरामद हुआ. शुरुआती नजर में मामला सड़क हादसे का लग रहा था. लेकिन हकीकत कुछ और ही थी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला मर्डर का राज
जब पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ. हरीश चंद्र की मौत पानी में डूबने या किसी एक्सीडेंट से नहीं बल्कि पीठ पर धारदार हथियार (चाकू) से ताबड़तोड़ कई वार किए जाने की वजह से हुई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गया कि हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को नदी में फेंका गया था और ई-रिक्शा को दुर्घटनाग्रस्त दिखाया गया था. इसके बाद एसओजी, सर्विलांस और डिबरवा पुलिस की संयुक्त टीमों ने जांच तेज कर दी.
पति की शराब की लत और अवैध संबंध बनी वजह
पुलिस ने जब मृतक हरीश चंद्र की पारिवारिक पृष्ठभूमि खंगाली, तो जांच का रुख उसके घर की ओर मुड़ गया.पूछताछ में सामने आया कि हरीश चंद्र शराब पीने का आदी था और नशे में अक्सर अपनी पत्नी माया देवी के साथ मारपीट करता था. इसी पारिवारिक कलह के बीच माया देवी का झुकाव गांव के ही नियाज अहमद की तरफ हो गया और दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गए. धीरे-धीरे दोनों के रिश्ते इतने गहरे हो गए कि उन्होंने हरीश चंद्र को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया.
1 लाख रुपये में सुपारी और खौफनाक वारदात
पति की हत्या कराने के लिए प्रेमी नियाज अहमद ने अपने दो साथियों इरशाद और अब्दुल्ला से संपर्क किया. हरीश चंद्र को मारने के लिए 1,00,000 रुपये की सुपारी तय हुई जिसमें से 60,000 रुपये एडवांस के तौर पर दे दिए गए. साजिश के तहत आरोपियों ने सवारी बनकर हरीश चंद्र का ई-रिक्शा बुक किया. जैसे ही ई-रिक्शा बूढ़ी राप्ती नदी के पास एक सुनसान मोड़ पर पहुंचा आरोपियों ने हरीश चंद्र पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी और शव को नदी में बहा दिया.
पुलिस की कार्रवाई और चारों आरोपी गिरफ्तार
सर्विलांस और कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने 7/8 सितंबर की रात पूरी घटना का पर्दाफाश कर दिया. पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता पत्नी माया देवी, उसके प्रेमी नियाज अहमद और सुपारी किलर इरशाद व अब्दुल्ला को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है जिससे हरीश चंद्र को आखिरी बार कॉल कर बुलाया गया था. चारों अभियुक्तों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है.
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