Hamirpur Police: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से पुलिस की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. यहाँ सदर कोतवाली पुलिस साल 2018 के एक पुराने मामले में कोर्ट के वारंटी को पकड़ने गई थी. लेकिन पुलिस ने बिना पूरी जांच-पड़ताल किए, हमनाम होने के कारण एक बेकसूर युवक को हिरासत में ले लिया. पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने युवक को थाने में ले जाकर थर्ड डिग्री दी और बेरहमी से पीटा है, जिससे उसकी हालत नाजुक हो गई और उसे कानपुर रेफर करना पड़ा है. वहीं, पुलिस इन आरोपों को गलत बता रही है.
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हमनाम होने पर युवक को उठाया
यह पूरा मामला हमीरपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के मेरापुर इलाके का है. यहाँ पुलिस साल 2018 के एक पुराने मामले में गैर जमानती वारंट लेकर शिवराज नाम के एक वारंटी की तलाश में निकली थी. लेकिन पुलिस ने बिना पुख्ता वेरिफिकेशन किए उसी मोहल्ले के रहने वाले एक दूसरे युवक शिवराज को घर से जबरदस्ती उठा लिया. पीड़ित के परिवार वाले चिल्लाते रहे और पुलिस को समझाते रहे कि वे गलत इंसान को पकड़ रहे हैं, लेकिन पुलिसवालों ने उनकी एक न सुनी और युवक को चार पहिया गाड़ी में डालकर थाने ले गए.
थाने में थर्ड डिग्री का आरोप
पीड़ित युवक का आरोप है कि थाने ले जाने के बाद हल्का इंचार्ज, एसएचओ (SHO), एसआई (SI) और अन्य पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं. युवक को थाने के अंदर बंद करके बेहद बेरहमी से पीटा गया. अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, युवक के शरीर पर मारपीट के गहरे निशान मिले हैं. उसके सिर, छाती और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं. युवक की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया. पीड़ित ने बताया कि पुलिस उसे एक झूठा अरेस्ट वारंट दिखाकर लाई थी.
पुलिस ने आरोपों पर दी सफाई
इस पूरे मामले पर हमीरपुर के अपर एसपी ने पुलिस का पक्ष रखते हुए बताया कि 4 जुलाई को पुलिस टीम वारंटी शिवराज नाम के युवक को थाने लाई थी. पुलिस का दावा है कि जब थाने में जांच की गई और युवक के पिता का नाम अलग पाया गया, तो वह युवक खुद ही आक्रोशित हो गया. उसने गुस्से में थाने की खिड़की पर हाथ मार दिया, जिससे उसके हाथ में चोट आ गई. पुलिस का कहना है कि युवक पर पहले से भी कुछ मामले दर्ज हैं. फिलहाल, मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस थाने के सीसीटीवी फुटेज निकलवा रही है.
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