Ayush Malik Case: शामली के आयुष मलिक का मामला इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. एक ओर जहां उस पर पहले हिंदू से मुस्लिम धर्म परिवर्तन, निकाह और संपत्ति हड़पने जैसे गंभीर आरोप लगे, वहीं बाद में उसके फिर से हिंदू धर्म अपनाने यानी ‘घर वापसी’ के दावे ने इस पूरे मामले को और विवादित बना दिया. इस केस में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है और पुलिस जांच जारी है.
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मुलाकात से शुरू हुई कहानी
आयुष मलिक, जो एक बड़े व्यापारी देवराज मलिक के बेटे हैं, बी.फार्मा की पढ़ाई कर रहे थे. बताया जाता है कि एक चोट लगने के बाद इलाज के दौरान उनकी मुलाकात रोशनी कुरैशी और बाद में चांदनी कुरैशी नाम की फिजियोथेरेपिस्ट से हुई. इसी दौरान जिम ट्रेनिंग और बातचीत के जरिए उनके बीच नजदीकियां बढ़ने की बात सामने आई.
धर्म परिवर्तन और निकाह का आरोप
आरोपों के अनुसार चांदनी कुरैशी ने आयुष को धीरे-धीरे प्रभावित कर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद दिल्ली में कथित रूप से उनका निकाह कराया गया, जहां आयुष ने अपना नाम बदलकर ‘मोहम्मद अली’ रखने की बात कही गई. हालांकि आधिकारिक दस्तावेजों में नाम अभी भी आयुष मलिक ही दर्ज बताया गया है.
संपत्ति और साजिश के आरोप
मामले में यह भी आरोप लगे कि चांदनी कुरैशी और उनके भाई आस मोहम्मद ने आयुष के परिवार की संपत्ति को ध्यान में रखते हुए यह पूरी योजना बनाई थी. दावा किया गया कि मकसद परिवार की करोड़ों की संपत्ति पर नियंत्रण हासिल करना था. इसी आधार पर पुलिस ने चांदनी और उनके पिता को गिरफ्तार किया.
धर्म परिवर्तन के पीछे की थ्योरी
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आयुष को कुछ धार्मिक वीडियो और मौलानाओं के भाषण दिखाए गए, जिसके बाद उसके विचारों में बदलाव आने की बात कही गई. बताया गया कि धीरे-धीरे उसने इस्लाम धर्म को अपनाना शुरू किया और अपनी जीवनशैली में भी बदलाव कर लिया.
आयुष का बयान और ‘घर वापसी’
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब आयुष मीडिया के सामने आया और कहा कि उसने यह बदलाव अपनी मर्जी से किया था. बाद में एक और वीडियो सामने आया जिसमें वह अपने परिवार के साथ दिखाई दिया और कथित रूप से वापस हिंदू धर्म अपनाने की बात कही. उसने कहा कि पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उसने ‘घर वापसी’ का फैसला लिया.
पुलिस जांच और वर्तमान स्थिति
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है. चांदनी कुरैशी और उनके पिता जेल में हैं और उन पर जबरन धर्म परिवर्तन और संपत्ति से जुड़े आरोपों की जांच चल रही है. मामला कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर बहस का विषय बना हुआ है.
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