रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहनों को भाइयों के घर तक पहुंचाने के लिए सरकार ने यूपी रोडवेज की बसों में मुफ्त सफर की सौगात दी थी. लेकिन फिरोजाबाद में यही सुविधा पूरी यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गई. बस स्टैंड से लेकर रेलवे स्टेशन तक यात्रियों की बेतहाशा भीड़ उमड़ पड़ी. हालत यह रही कि पर्याप्त बसें न मिलने के कारण कहीं महिलाएं और बच्चे घंटों सड़क किनारे खड़े रहे तो कहीं ठूंस-ठूंसकर भरी बसों में चढ़ने के लिए अफरातफरी का माहौल देखने को मिला. आलम यह था कि जान जोखिम में डालकर महिलाएं बस की खिड़कियों के जरिए अंदर घुसती नजर आईं.
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मुफ्त सफर के ऐलान के बाद बस स्टैंड पर उमड़ी भीड़
रक्षाबंधन के मौके पर सरकार द्वारा महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा का ऐलान किए जाने के बाद फिरोजाबाद बस स्टैंड पर अचानक यात्रियों का भारी दबाव बढ़ गया। बसों की संख्या मांग की तुलना में बेहद कम साबित हुई जिससे यात्रियों और खासकर महिला यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा.फिरोजाबाद बस स्टैंड पर स्थिति यह थी कि जैसे ही कोई बस आती, सैकड़ों यात्री उस पर टूट पड़ते.
आगरा जाने के लिए बस का इंतजार कर रही यात्री कमला देवी ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया, "भीड़ बहुत ज्यादा है, धक्का-मुक्की इतनी हो रही है कि चढ़ पाना मुश्किल है. सरकार ने बस तो फ्री कर दी है. लेकिन बसों की संख्या इतनी कम है कि हमें बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.'
खिड़कियों से बस में घुसाई गईं लड़कियां
त्यौहार के दिन यात्रियों की इस भारी भीड़ को देखते हुए रोडवेज प्रशासन के दावों की पोल खुलती नजर आई.बस के मुख्य दरवाजों पर इतनी भीड़ थी कि बेटियों और महिलाओं को खिड़कियों के रास्ते बस के अंदर दाखिल कराना पड़ा. यात्रियों का कहना है कि जब सरकार को त्यौहार पर भीड़ बढ़ने का अनुमान पहले से था, तो अतिरिक्त बसों का प्रबंध क्यों नहीं किया गया? इसके अलावा बस स्टैंड परिसर में खड़ी कई बसों में ताले लगे दिखे, जबकि बाहर यात्री एक-एक बस के पीछे दौड़ते नजर आए.
डग्गामार वाहनों की मनमानी और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी
बसों की किल्लत का फायदा उठाकर डग्गामार और ऑटो चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की कोशिश में जुट गए. स्थिति को संभालने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है.
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