Shamli News: उत्तर प्रदेश के जनपद श्यामली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें ब्रह्मचारी आशुतोष महाराज ने पुलिस और न्यायपालिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि उनके आश्रम और अनुयायियों को धमकाया जा रहा है, उन्हें उचित सुरक्षा नहीं दी जा रही और न्याय के प्रति उनका भरोसा पूरी तरह खत्म हो चुका है. महाराज ने कहा कि उनके छोटे-छोटे अनुयायी भयभीत हैं और उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर भी झूठी और गंदी बयानबाजी की जा रही है. इस पूरे घटनाक्रम में उन्होंने यह भी खुलासा किया कि धमकियां सीधे डिप्टी सीएम कार्यालय से भी आ रही हैं.
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न्यायपालिका और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
आशुतोष महाराज ने बताया कि हाल ही में उनके अनुयायियों के साथ हुए एक गंभीर मामले में न्यायपालिका ने पक्ष सुनने से पहले ही एक पक्ष के पक्ष में स्टे दे दिया. उन्हें देर रात सूचना मिली कि अगली तारीख माननीय उच्च न्यायालय में है लेकिन उनके पास कोई वकील नहीं था और सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं थी. इसके चलते उनके अनुयायी और स्वयं महाराज भयभीत हैं और न्याय की उम्मीद खो चुके हैं.
महाराज ने कहा कि छोटे-छोटे अनुयायी डर के मारे कह रहे हैं कि “गुरु जी, हम कैसे रहेंगे, ये हमें मारवा देगा.” उन्होंने बताया कि उनके बच्चों को भी छीनने का प्रयास किया गया और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ गंदी गालियां दी जा रही हैं.
धमकियां और सोशल मीडिया पर गलत प्रचार
महाराज ने यह भी खुलासा किया कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर लगातार धमकियां दी जा रही हैं और उनके नाम का गलत प्रचार किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि उन्हें और उनके अनुयायियों को खतरा डिप्टी सीएम के कार्यालय से भी मिल रहा है. इसके बावजूद मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और उनके वकीलों की ओर से की गई शिकायतों पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया.
न्याय की उम्मीद अब खत्म
आशुतोष महाराज ने कहा कि कोर्ट ने कुछ राहत जरूर दी है लेकिन इससे उनका भरोसा पूरी तरह बहाल नहीं हुआ है. उनका कहना है कि वे अब न्याय और पुलिस सुरक्षा के भरोसे नहीं रह सके हैं. उन्होंने कहा कि उनके पास पर्याप्त सुरक्षा नहीं है, उनके अनुयायी डर के मारे परेशान हैं और उन्हें न्यायालय में जाकर अपनी बात कहने का अवसर नहीं मिल पा रहा. महाराज ने जोर देकर कहा कि उनका पूरा आश्रम और उनके अनुयायी न्याय की मांग कर रहे हैं और उन्हें इस असुरक्षा और धमकियों से बचाने की आवश्यकता है.
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