शंकराचार्य करा सकते हैं मेरी हत्या...आशुतोष महाराज ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाया धमकाने वाला आरोप

आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है. इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया कि उनके पास यौन शोषण के पुख्ता वीडियो सबूत हैं. साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव को इस मामले से दूर रहने की चेतावनी दी.

यूपी तक

• 04:50 PM • 25 Feb 2026

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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ नाबालिग बटुकों के यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष महाराज ने एक विस्फोटक इंटरव्यू दिया है. आशुतोष महाराज ने दावा किया है कि शंकराचार्य उन्हें और उनके साथियों को जान से मारने की साजिश रच रहे हैं. इतना ही नहीं उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को भी इस विवाद से दूर रहने की नसीहत देते हुए उनकी पोल खोलने की बात कही है.

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पीछा कराया जा रहा है, हत्या की साजिश है

आशुतोष महाराज ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य उनसे डरे हुए हैं और उन्हें खत्म करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि 'परसों भी हमारी गाड़ी का पीछा कराया गया. वे हमारी और हमारे बटुकों की हत्या कराना चाहते हैं ताकि सबूत नष्ट किए जा सकें.' उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास कुकर्मों की ऐसी सीढ़ियां हैं जिनसे शंकराचार्य का बचना नामुमकिन है.

अखिलेश यादव को खुली चेतावनी

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के इस मामले में दखल देने पर आशुतोष महाराज ने कड़ा एतराज जताया. उन्होंने कहा कि 'अखिलेश जी आप इस मामले से पीछे हट जाइए वरना आपकी भी ऐसी पोल खोलूंगा कि अविमुक्तेश्वरानंद से बड़ा कांड हो जाएगा. उन्होंने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस सरकार ने उन्हें 2017 में फर्जी मुकदमे में जेल भेजा था. आज वही लोग राम भक्तों और सनातन की बात कर रहे हैं.'

आईपीएस अजय पाल शर्मा के साथ फोटो पर सफाई

शंकराचार्य द्वारा दिखाई गई आईपीएस अजय पाल शर्मा और आशुतोष महाराज की केक काटते हुए फोटो को उन्होंने पूरी तरह से 'एआई (AI) जनरेटेड' और फर्जी बताया. उन्होंने सवाल किया कि जिस अधिकारी ने 2017 में मुझे जेल भेजा मैं उसके साथ कैसे बैठ सकता हूं?' उन्होंने इसे केवल जनता को गुमराह करने और मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने का हथकंडा करार दिया. पॉक्सो एक्ट के साक्ष्यों को सार्वजनिक न करने पर उन्होंने सफाई दी कि कानून (धारा 23) के तहत पीड़ित बच्चों की पहचान या कुकर्मों के वीडियो सार्वजनिक करना अपराध है.  उन्होंने कहा कि वे सभी साक्ष्य माननीय न्यायालय और जांच एजेंसियों को सौंप चुके हैं और अब न्याय की बारी है.