Rahul Gandhi Meet Ramchet Mochi Family: राजनीति की आपाधापी के बीच राहुल गांधी ने एक बार फिर साबित किया कि वे अपने पुराने रिश्तों को भूलते नहीं हैं. शुक्रवार को सुल्तानपुर कोर्ट में पेशी के बाद जब राहुल गांधी का काफिला लखनऊ की ओर बढ़ रहा था तो अचानक पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास उसी छोटी सी मोची की दुकान पर रुका जो 2024 में राहुल के आने के बाद देश भर में मशहूर हो गई थी.
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दादा नहीं रहे, पर राहुल का प्यार बरकरार
राहुल गांधी जब दुकान पर पहुंचे तो वहां रामचेत मोची के पोते शिवम कुमार और उनका परिवार मौजूद था.राहुल ने शिवम से उनके बाबा के निधन पर शोक व्यक्त किया. शिवम ने बताया, 'राहुल भैया ने कहा कि बाबा के जाने के बाद अब परिवार की जिम्मेदारी तुम्हारे कंधों पर है. उन्होंने पढ़ाई पर ध्यान देने और पिता का हाथ बंटाने की सलाह दी.' राहुल ने परिवार के छोटे बच्चों को चॉकलेट्स भी बांटीं.
बंद पड़ी मशीनें फिर से चलेंगी
शिवम ने बातचीत के दौरान बताया कि बाबा की तबीयत खराब होने के कारण दुकान की सिलाई मशीनें बंद पड़ी थीं और काम प्रभावित हो रहा था. इस पर राहुल गांधी ने आश्वासन दिया कि वे उनकी मशीनों को फिर से शुरू करवाने और आर्थिक सहायता प्रदान करने में मदद करेंगे. राहुल ने परिवार से कहा कि भविष्य में कोई भी दिक्कत हो तो वे सीधे उनसे संपर्क करें. आपको बता दें कि 2024 के चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी इसी दुकान पर रुके थे और रामचेत मोची के साथ बैठकर जूता टांकना सीखा था. उस मुलाकात के बाद राहुल ने उन्हें एक आधुनिक जूता सिलाई मशीन भी गिफ्ट की थी. आज उसी स्थान पर राहुल ने रामचेत की तस्वीर पर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के साथ समय बिताया.
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