Barabanki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगता. यहां एक घर में शादी की खुशियां उस वक्त मातम और हंगामे में बदल गईं जब सात फेरे होने के बाद अगली सुबह दूल्हे की असलियत सामने आई. जिस दूल्हे के साथ लड़की सात जन्मों के वादे कर चुकी थी वह असल में किन्नर निकला.
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रात भर बजी शहनाई और सुबह खुली दूल्हे की पोल
मामला कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव का है. 13 फरवरी की रात बारात पूरे गाजे-बाजे के साथ पहुंची थी. नाच-गाना हुआ, जयमाला की रस्में हुईं और पंडित जी ने मंत्रोच्चार के साथ फेरे भी करवा दिए. लेकिन असली ट्विस्ट शनिवार सुबह तब आया जब नेक लेने के लिए किन्नर वहां पहुंचे.
किन्नरों ने देखते ही पहचाना
जैसे ही किन्नर नेग लेने के लिए मंडप के पास पहुंचे उनकी नजर दूल्हे पर पड़ी. दूल्हे को देखते ही किन्नरों ने उसे पहचान लिया और लड़की पक्ष को चुपके से बता दिया कि यह लड़का नहीं बल्कि किन्नर है. यह खबर फैलते ही शादी वाले घर में सन्नाटा पसर गया और फिर शुरू हुआ भारी हंगामा. जैसे ही दूल्हे की असलियत पता चली अधिकतर बाराती और रिश्तेदार मौके से चुपचाप खिसक लिए. लड़की के परिजनों ने दूल्हे और उसकी मां को रोक लिया और धोखेबाजी का आरोप लगाते हुए जवाब मांगा. गांव के बुजुर्गों और पंडित जी के अनुसार, शक होने पर जब दूल्हे की जांच की गई तो राज पूरी तरह खुल गया.
हमारी बेटी की जिंदगी बर्बाद हो जाती
लड़की के भाई ने अपना दुख साझा करते हुए बताया कि 6 महीने पहले यह रिश्ता तय हुआ था. उन्होंने लड़का उसका घर और जमीन (दो बीघा) देखकर शादी पक्की की थी. भाई का कहना है कि अगर किन्नर सही समय पर आकर पोल न खोलते तो उनकी बहन की जिंदगी तबाह हो गई होती.
शादी में मौजूद पंडित के मुताबिक 'सुबह जब नेग का लेन-देन हो रहा था तब किन्नर वहां आए. उन्होंने दूल्हे को देखते ही राज खोल दिया. इसके बाद लड़के पक्ष के लोग भागने लगे. हमने दूल्हे और उसकी मां को बैठा लिया और पुलिस को सूचना दी.'
पुलिस की मौजूदगी में हुआ समझौता
हंगामे की सूचना मिलते ही कोठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची. दोनों पक्षों के बीच घंटों बातचीत चली. आखिरकार सामाजिक लोक-लाज और भविष्य को देखते हुए दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया. लड़की पक्ष ने कोई लिखित तहरीर नहीं दी जिसके कारण पुलिस ने कानूनी एक्शन नहीं लिया. आपसी सहमति के बाद शादी के खर्च और लेन-देन को लेकर समझौता हुआ और दूल्हे को उसकी मां के साथ बैरंग वापस भेज दिया गया.
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