Gyan Tiwari vs Sanjay Pandey:सीतापुर के रामपुर मथुरा थाने में उस वक्त भारी हंगामा मच गया जब भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी अपने समर्थकों के साथ थाने के फर्श पर धरने पर बैठ गए. विधायक का गुस्सा थाना प्रभारी (एसओ) संजय पांडे और अन्य पुलिसकर्मियों पर इतना अधिक था कि उन्होंने सरेआम उनकी "औकात" तक पूछ डाली. विधायक का आरोप है कि पुलिस ने भेदभावपूर्ण कार्रवाई की है. गांव में एक समुदाय (यादव) के कार्यक्रम (नाच) को होने दिया गया, लेकिन जब निषाद और चौहान बिरादरी के लोगों ने कार्यक्रम (नौटंकी) आयोजित की, तो पुलिस ने डंडे के जोर पर उसे बंद करा दिया और सामान फेंक दिया.
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आरोप है कि पुलिसकर्मियों (दीवान रविशंकर यादव और कांस्टेबल विनोद यादव) ने लोगों के साथ मारपीट की और अवैध वसूली भी की. विधायक ज्ञान तिवारी करीब 3 घंटे तक थाने में जमीन पर बैठे रहे. उन्होंने एसओ संजय पांडे को चुनौती देते हुए कहा कि तुम्हारी औकात क्या है? तुम भगाए जाओगे.
विधायक ने मांग की कि दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए और लाइन हाजिर किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे दोषी पाए जाते हैं, तो उन पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी. मामला बढ़ता देख सीओ वेद प्रकाश श्रीवास्तव और बाद में एएसपी दुर्गेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे. एएसपी के आश्वासन और कप्तान (एसपी) से फोन पर हुई बातचीत के बाद विधायक ने धरना समाप्त किया. विधायक ने दावा किया कि 24 घंटे के अंदर इन पुलिसकर्मियों का "बोरिया-बिस्तरा" गोल हो जाएगा.
विधायक ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि जो सामान पुलिस ने बर्बाद किया है, उसकी भरपाई के लिए वे अपनी ओर से 21,000 रुपये देंगे और दोबारा दावत रखने को कहा.
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