लखनऊ में हत्यारे बेटे अक्षत ने दी पिता मानवेंद्र सिंह को दर्दनाक मौत, लेकिन अभी भी उठ रहे ये बड़े सवाल

Manvendra Singh Death Questions: लखनऊ के मानवेंद्र सिंह हत्याकांड में आरोपी बेटे अक्षत की शातिराना साजिशें सामने आई हैं. मर्डर के बाद दीवारों पर पेंट करना, 'पापा लौट आओ' वॉट्सऐप ग्रुप बनाना और लाश के टुकड़ों के साथ घर में बेटी का नॉर्मल रहना पुलिस के लिए बड़ी पहेली है. जानें इस खौफनाक मर्डर की पूरी इनसाइड स्टोरी.

यूपी तक

• 04:07 PM • 25 Feb 2026

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Manvendra Singh Death Questions: लखनऊ के मानवेंद्र सिंह हत्याकांड ने रिश्तों के कत्ल की ऐसी दास्तां बयां की है जिसे सुनकर रूह कांप जाए. अपने ही पिता को मौत के घाट उतारने वाले आरोपी बेटे अक्षत ने न केवल उनके शव के टुकड़े किए बल्कि गिरफ्तारी से बचने के लिए एक ऐसा फिल्मी ड्रामा रचा जिसे देखकर पुलिस भी दंग रह गई. 20 फरवरी को हुई इस खौफनाक वारदात के बाद घर का माहौल इतना सामान्य कैसे रहा और क्या बेटी को सब कुछ पता था? ये वो सवाल हैं जो अब भी पूरे शहर में गूंज रहे हैं.

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लाश के साथ घर में नॉर्मल थी बेटी

जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा मानवेंद्र की बेटी कृति को लेकर हुआ है. बताया जा रहा है कि जिस कमरे में पिता की हत्या हुई वहां वह मौजूद थी. पड़ोसी उदयवीर सिंह बताते हैं कि मर्डर के बाद भी कृति उनके घर आकर अपनी सहेली के साथ पढ़ाई करती थी और खाना खाती थी. उसके चेहरे पर शिकन तक नहीं थी कि घर में उसके पिता की लाश टुकड़ों में एक ड्रम में बंद है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह उसकी चुप्पी किसी दबाव में थी या वह भी इस खेल का हिस्सा थी.

 'पापा लौट आओ' नाम का WhatsApp ग्रुप

गिरफ्तारी से बचने के लिए अक्षत ने शातिर दिमाग लगाया. उसने 'पापा लौट आओ' नाम से एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया जिसमें पिता के दोस्तों को जोड़कर वह इमोशनल मैसेज भेजने लगा.  वह लोगों के साथ मिलकर खुद अपने पिता को ढूंढने का नाटक करता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो.  गोली लगते ही कमरे की दीवारों पर खून फैल गया था. अक्षत ने बड़ी शांति से बाजार से पेंट खरीदा और उन दीवारों को खुद रंगा ताकि फॉरेंसिक साक्ष्य मिटा सके. हालांकि फॉरेंसिक टीम ने पेंट की सतह के नीचे से भी सबूत जुटा लिए हैं.

चोरी की घटना और पिता की सख्ती बनी हत्या की वजह

करीब 4 महीने पहले घर से कीमती गहने चोरी हुए थे जिसकी जांच में पता चला कि चोरी नौकरानी ने नहीं बल्कि बेटे अक्षत ने की थी. इसके बाद से पिता उस पर नजर रखने लगे थे और पढ़ाई के लिए दबाव डालते थे. नीट (NEET) में दो बार फेल होने और पिता की डांट-डपट से तंग आकर उसने लाइसेंसी राइफल से पिता की हत्या कर दी. अक्षत ने पिता को गोली मारने के बाद शव को एक नीले रंग के ड्रम में छिपाने की कोशिश की. जब लाश फिट नहीं हुई, तो उसने आरी उठाई और पिता के हाथ-पैर काट दिए. सिर को धड़ से अलग कर वह अपनी कार से 21 किलोमीटर दूर सुनसान इलाके में फेंक आया ताकि शिनाख्त न हो सके.