प्रतापगढ़ पुलिस पर महिला ने रोते हुए लगाए गंभीर आरोप! जमीन विवाद को लेकर थाने रपट लिखाने गई थी, फिर जो हुआ हैरान कर देगा

यूपी तक

• 12:56 PM • 06 Jul 2026

Pratapgarh News: प्रतापगढ़ में एक महिला ने मानिकपुर थाने की पुलिस पर बंधक बनाकर मारपीट, रिश्वत लेने और मोबाइल से वीडियो डिलीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का वीडियो वायरल होने के बाद SDM ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने के आदेश दिए है.

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Pratapgarh News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से पुलिस के काम करने के तरीके पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. यहाँ मानिकपुर थाने की एक महिला ने पुलिस पर बंधक बनाने, बेरहमी से मारपीट करने, रिश्वत लेने और मोबाइल से वीडियो डिलीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का रोते हुए बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस घटना के बाद लोग पुलिस के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े कर रहे हैं. दूसरी तरफ, पुलिस प्रशासन ने महिला के इन सभी आरोपों को झूठे और निराधार बताया है. इस बढ़ते विवाद को देखते हुए एसडीएम ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए हैं.

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पुलिस पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप

पुलिस पर गंभीर आरोप लगाने वाली महिला प्रतापगढ़ के ककराहा मिरिया की रहने वाली प्रतिभा देवी हैं, जो इलाहाबाद में जेएनएम नर्स हैं. प्रतिभा का कहना है कि उनका दूसरे पक्ष से जमीन और रास्ते का विवाद चल रहा है, जो उनकी मां को डराता-धमकाता है. जब वह इसकी शिकायत लेकर मानिकपुर थाने पहुंचीं, तो दरोगा पंकज कुमार राय ने मुकदमा लिखने के नाम पर उनसे पैसे लिए. इसके बाद जब उन्होंने मुकदमे की कॉपी मांगी, तो दरोगा भड़क गए. आरोप है कि दरोगा के कहने पर महिला कांस्टेबल वंदना ने उन्हें अंदर ले जाकर बेरहमी से पीटा, बाल खींचे और थप्पड़ मारे. प्रतिभा ने बताया कि उन्हें चार घंटे थाने में बंधक बनाकर रखा गया, उनका फोन छीन लिया गया और घटना की वीडियो फोन से डिलीट करवाई गई.

सीओ कुंडा ने पलटी कहानी

इस पूरे मामले पर सीओ कुंडा ने महिला के आरोपों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है. सीओ का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच आवागमन के रास्ते को लेकर विवाद था और इसी के समाधान के लिए उन्हें थाने बुलाया गया था. पुलिस के समझाने के दौरान ही दोनों पक्ष थाना परिसर के अंदर आपस में भिड़ गए और उनके बीच हाथापाई हो गई. इसके बाद पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों का शांति भंग में चालान कर दिया और उन्हें एसडीएम कुंडा के न्यायालय में पेश किया. पुलिस के मुताबिक चालान होने की वजह से ही महिला पुलिस पर यह आरोप लगा रही है. दूसरी तरफ, प्रतिभा का कहना है कि मेडिकल के दौरान उन्होंने डॉक्टर को साफ बताया था कि उनके साथ दूसरे पक्ष ने नहीं, बल्कि पुलिसवालों ने मारपीट की है.

एसडीएम ने दिए जांच आदेश

महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद यह मामला पूरी तरह गरमा गया है. इस घटना के विरोध में तहसील परिसर में वकीलों ने भी जमकर हंगामा किया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. पीड़िता प्रतिभा देवी ने थाने के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखकर इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. मामले की गंभीरता और बढ़ते बवाल को देखते हुए कुंडा के एसडीएम वाचस्पति सिंह ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के आदेश दे दिए हैं.