SP Leader Clash Gargi Patel Attacked: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से सामने आए समाजवादी पार्टी (सपा) की महिला सभा की जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल से मारपीट के मामले में अब बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के मड़िया गांव में हुए इस संघर्ष की वजह केवल मामूली कहासुनी नहीं, बल्कि बिजनेस के पैसे हड़पने की नीयत और एक गहरी राजनीतिक साजिश बताया जा रहा है. पीड़ित सपा नेत्री के अनुसार पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्यारेलाल यादव के परिजनों ने प्री-प्लानिंग के तहत उनके घर में घुसकर उन पर और उनके बच्चों पर जानलेवा हमला किया. हमलावरों ने गार्गी पटेल को लात-घूंसों से पीटने और बाल पकड़कर घसीटने के साथ-साथ लोहे की रॉड और मेज (टेबल) से बेरहमी से मारा. वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घायल जिलाध्यक्ष को अस्पताल पहुंचाया और इस मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख के परिवार के 5 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है. इस पूरी घटना का सीसीटीवी (CCTV) वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
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मेज और लोहे की रॉड से किया हमला
पीड़िता गार्गी पटेल ने आपबीती बताते हुए कहा कि गुरुवार की सुबह वे सोकर उठी थीं, तभी उनके बिजनेस पार्टनर प्यारेलाल यादव का फोन आया. उन्होंने जमीन के एक रास्ते के सिलसिले में बात करने के लिए बाहर चलने को कहा. गार्गी पटेल अभी तैयार हो ही रही थीं कि अचानक उनके मुख्य दरवाजे की घंटी बजी और किसी ने गेट को धारदार चीज से पीटना शुरू कर दिया. जब उनके बच्चों ने दरवाजा खोला, तो प्यारेलाल यादव की पत्नी, बेटी और दोनों बेटे जबरन घर के भीतर घुस आए और बच्चों के साथ गाली-गलौज व मारपीट करने लगे. बीच-बचाव करने पहुंचीं गार्गी पटेल को हमलावरों ने जमीन पर पटक दिया, लात-घूंसों से मारा और बाल पकड़कर घसीटने लगे. हद तो तब हो गई जब हमलावरों ने घर में रखी मेज से उन पर वार किया और जब मेज का प्लाई टूट गया, तो उसमें लगी लोहे की रॉड से उन्हें लहूलुहान कर दिया.
राजनीतिक लोगों पर साजिश का आरोप
इस वारदात के पीछे की असली वजह का खुलासा करते हुए सपा नेत्री ने बताया कि उनका प्यारेलाल यादव के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का कारोबार है, जिसमें गार्गी पटेल के लाखों रुपये लगे हुए हैं. आरोप है कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख का परिवार इन पैसों को हजम करना चाहता था और इसी नीयत से इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया. इसके साथ ही गार्गी पटेल ने इसमें एक बड़ी राजनीतिक साजिश होने का भी दावा किया है. उन्होंने सीधे तौर पर वीरेंद्र यादव और सिद्धांत जयसवाल का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन लोगों ने प्यारेलाल यादव के परिवार में जानबूझकर गलतफहमियां पैदा कीं और एक सोची-समझी साजिश व षड्यंत्र के तहत इस हमले के लिए उन्हें उकसाकर मेरे घर भेजा.
पुलिस ने दर्ज की नामजद एफआईआर
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है. चंदौली एडिशनल एसपी अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि गुरुवार दोपहर को मुगलसराय थाना पुलिस को इस मारपीट की सूचना मिली थी, जिसके बाद फौरन पुलिस टीम को मौके पर रवाना किया गया. पुलिस ने पीड़ित पक्ष से तहरीर प्राप्त कर देर रात ही संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया था, जिसमें कुल 5 लोगों को नामजद किया गया है. पुलिस विभाग का कहना है कि शुरुआती जांच में दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक और पैसों के लेन-देन से जुड़ा विवाद सामने आ रहा है. फिलहाल पुलिस वारदात के समय घर में मौजूद रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्यारेलाल यादव की भूमिका, सीसीटीवी फुटेज और पीड़िता द्वारा लगाए गए राजनीतिक साजिश के आरोपों समेत तमाम बिंदुओं पर गहराई से तफ्तीश कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कह रही है.
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