Surya Murder Case: गाजियाबाद में खोड़ा थाना क्षेत्र के चर्चित सूर्या उर्फ सूर्यप्रताप हत्याकांड में अब प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है. मामले के मुख्य आरोपी रहे असद के नवनीत विहार स्थित मकान पर प्रशासन ने नोटिस चस्पा कर दिया है. अधिकारियों का दावा है कि जिस भूमि पर मकान बना है, उस पर अवैध कब्जा किया गया है. इसी को लेकर उप जिलाधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया गया है. कार्रवाई के दौरान इलाके में ढोल बजवाकर और लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों को इसकी जानकारी दी गई.
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घर के बाहर चस्पा किया गया नोटिस
प्रशासनिक टीम मंगलवार को नवनीत विहार स्थित असद के मकान पर पहुंची. मौके पर तहसीलदार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने मकान के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया और सार्वजनिक रूप से इसकी जानकारी दी. प्रशासन का कहना है कि संबंधित जमीन पर कब्जा नियमों के विपरीत किया गया है. नोटिस के माध्यम से संबंधित पक्ष को निर्देश दिया गया है कि वह 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष और आवश्यक दस्तावेज उप जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करे.
नहीं हटाया कब्जा तो होगी कार्रवाई
जारी नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया या कब्जा स्वयं नहीं हटाया गया, तो प्रशासन अपने स्तर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा. इतना ही नहीं, कार्रवाई में आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा. प्रशासन ने इसे अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताया है और कहा है कि जिले में ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
ढोल और अनाउंसमेंट से इलाके में बढ़ी हलचल
कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो. जैसे ही ढोल बजाकर और लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणा की गई, आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई. स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर काफी चर्चा रही. प्रशासन का कहना है कि सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
पहले ही हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
गौरतलब है कि खोड़ा थाना क्षेत्र में हुए सूर्य उर्फ सूर्यप्रताप हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था. पुलिस जांच में सामने आया कि बाइक चलाने को लेकर हुए एक मामूली विवाद के बाद हत्या की साजिश रची गई थी. इस मामले में पुलिस ने नवाब, फरहान और आतीक नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी असद पहले ही एक पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है. जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है. फिलहाल असद के मकान पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई को भी इसी प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है और अब सबकी नजर 15 दिन की तय अवधि के बाद प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है.
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