Jaunpur News: नौकरी और अच्छे कॉलेज में एडमिशन पाने के लिए स्टूडेंट्स जी जान लगाकर मेहनत करते हैं. लेकिन डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले जौनपुर के सूरज भास्कर ने आरक्षण का लाभ पाने के लिए एक ऐसा खौफनाक कदम उठाया जिसे सुनने वाले भी दंग रह गए.लेकिन सूरज डॉक्टर क्यों बनना चााहता था इसके पीछे की कहानी और भी ज्यादा चौंकाऊं है. सूरज डॉक्टर बनने का सपना इसलिए देख रहा था ताकि उसकी शादी प्रेमिका से हो सके.ऐसे में उसने अपने पैर का पंजा काट लिया जिससे उसे दिव्यांग कोटे में एडमिशन मिल सके.
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प्रेमिका से शादी करने के लिए डॉक्टर बनना चाहता था सूरज
पुलिस की पूछताछ और सर्विलांस जांच में पता चला कि सूरज अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था जिसके लिए उसका डॉक्टर बनना जरूरी था.ऐसे में उसने NEET में एडमिशन पाने के लिए खुद का पैर काटने की योजना बना डाली. इस दौरान उसने बताया कि वह अक्टूबर 2025 में वह वाराणसी जाकर फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने की कोशिश कर चुका था. लेकिन नाकाम रहा.इसके बाद उसने आरक्षण पाने के लिए खुद को सचमुच दिव्यांग बनाने का फैसला किया. सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि सूरज ने पूरी तैयारी के साथ इस वारदात को अंजाम दिया. दर्द से बचने के लिए उसने खुद को एनेस्थीसिया (बेहोशी का इंजेक्शन) लगाया. जब पैर सुन्न हो गया तो उसने इलेक्ट्रिक ग्राइंडर से अपने पैर का पंजा काट दिया. पुलिस को खेत से इंजेक्शन की खाली शीशियां और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं.
सूरज करता रहा ये दावा
वहीं दूसरी ओर सूरज ने दावा किया था कि रात में दो अज्ञात लोगों ने उस पर हमला किया. लेकिन पुलिस ने जब मोबाइल टावर लोकेशन और सर्विलांस डेटा खंगाला तो उस समय घटनास्थल के आसपास किसी भी दूसरे मोबाइल की मौजूदगी नहीं मिली. इसके अलावा सूरज बार-बार अपने बयानों से पलट रहा था जिससे पुलिस का शक गहरा गया.घटना के बाद पुलिस ने सूरज को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया था जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया. सीओ सिटी के अनुसार, छात्र का इलाज चल रहा है. अस्पताल से छुट्टी मिलते ही पुलिस उसका आधिकारिक बयान दर्ज करेगी और कानून को गुमराह करने व साक्ष्य छिपाने के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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