ASP अनुज चौधरी के खिलाफ FIR के आदेश की बात सुनते ही सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने दिया ऐसा रिएक्शन!

Zia ur Rahman Barq Statement: संभल हिंसा के मामले में चंदौसी की सीजेएम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए एएसपी अनुज चौधरी और उनके साथ मौजूद करीब 15 से 20 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया है. इस बीच संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने एक बड़ा स्टेटमेंट दिया है.

Zia ur Rahman Barq and Anuj chaudhary

शिवानी गोस्वामी

14 Jan 2026 (अपडेटेड: 14 Jan 2026, 04:36 PM)

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Zia ur Rahman Barq Statement: अपने बेबाक अंदाज और बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले ASP अनुज चौधरी अब कानूनी शिकंजे में फंसते नजर आ रहे हैं. एएसपी अनुज चौधरी के खिलाफ सीजेएम कोर्ट ने एक बड़ा आदेश दिया है. संभल हिंसा के मामले में चंदौसी की सीजेएम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए एएसपी अनुज चौधरी और उनके साथ मौजूद करीब 15 से 20 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया है. कोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.वहीं संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने भी इस मामले में तीखा बयान देकर सियासी पारा गरमा दिया है.

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यह पूरा मामला संभल हिंसा के दौरान हुई फायरिंग से जुड़ा है. कोर्ट में आलम नाम के एक युवक के पिता ने याचिका दायर की थी.शिकायतकर्ता का आरोप लगाया कि उनका बेटा घटना के दिन कुछ सामान बेचने के लिए जामा मस्जिद इलाके में गया था. याचिका में दावा किया गया है कि उसी दौरान एएसपी अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों ने जान से मारने की नीयत से आलम पर गोली चलाई. पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई में आलम गंभीर रूप से घायल हुआ था.

यहां देखें पूरी वीडियो रिपोर्ट

इस मामले में लगभग 11 महीने बाद कोर्ट ने एएसपी अनुज चौधरी के अलावा 15-20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया. इस बीच संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने एक बड़ा स्टेटमेंट दिया है. जियाउर्रहमान बर्क ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर एक बड़ा सा पोस्ट करते हुए लिखा 'कानून से ऊपर कोई नहीं ना वर्दी ना ओहदा. संबल हिंसा के दौरान एक युवक को गोली मारने के मामले में तत्कालीन सीओ समेत 12 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने का सीजीएम कोर्ट का आदेश एक ऐतिहासिक फैसला है. यह आदेश साफ संदेश देता है. अफसर हो या आम नागरिक कानून तोड़ने वाला बच नहीं सकता. संभल हिंसा में जिन अधिकारियों ने कानून की सीमा लांघी है, अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है, न्यायपालिका के जरिए इंसाफ जरूर मिलेगा. जुल्म के खिलाफ और हक के लिए लड़ते रहेंगे. इंसाफ देर से सही मगर मिलेगा जरूर इंशाल्लाह.'

ऐसे में अब एक सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या वाकई एएसपी अनुज चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने वाला है? जिसका जवाब है नहीं. दरअसल संभल के एसपी ने एक बड़ा बयान दिया है. संभल के एसपी ने कहा है कि सीजीएम कोर्ट के इस एफआईआर वाले फैसले के खिलाफ वह अपर कोर्ट में जाएंगे. संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने साफ कहा है कि किसी भी कीमत पर फिलहाल कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा. ना तो एएसपी अनुज चौधरी के खिलाफ और ना ही किसी दूसरे पुलिसकर्मी के खिलाफ. यानी कि इतना तो साफ है कि फिलहाल अनुज चौधरी के खिलाफ कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं होने वाला. ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस एफआईआर आदेश के बाद जांच की दिशा क्या रहती है और अनुज चौधरी अपनी सफाई में क्या तर्क देते हैं.

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