Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अब जांच के अहम चरण में पहुंच गई है. जांच के दौरान मंदिर ट्रस्ट और संचालन व्यवस्था से जुड़े पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों का पूरा ब्योरा खंगाला जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि किस अधिकारी या कर्मचारी के पास कौन-सी जिम्मेदारी थी और चढ़ावे व दान से जुड़े मामलों की निगरानी किस स्तर तक होती थी. इसी कड़ी में चंपत राय और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की भूमिकाएं भी जांच के दायरे में हैं.
ADVERTISEMENT
टिन्नू यादव संभालते थे चढ़ावे की व्यवस्था
सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि ट्रस्ट और मंदिर संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की जानकारी चंपत राय तक पहुंचती थी. वहीं रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के जिम्मे श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था के साथ-साथ मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान की देखरेख की जिम्मेदारी थी. इसके अलावा मंदिर परिसर की साफ-सफाई और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं का दायित्व गोपाल राय और अनिल मिश्रा के पास था. SIT अब इन जिम्मेदारियों के आधार पर यह समझने की कोशिश कर रही है कि किस स्तर पर कौन अधिकारी या कर्मचारी किस कार्य के लिए जवाबदेह था. जांच एजेंसी संबंधित लोगों से पूछताछ कर उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ उनकी भूमिका का मिलान भी कर रही है.
बहुमूल्य हार भी जांच के केंद्र में
SIT की जांच केवल नकदी तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर में भेंट किए गए बहुमूल्य चढ़ावों की भी पड़ताल की जा रही है. जांच के दौरान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय मंदिर की नींव में रखने के लिए दी गई चांदी की शिलाओं का मामला भी सामने आया है. बताया गया है कि जांच के छह दिनों तक टीम इन शिलाओं का रिकॉर्ड और उनकी वर्तमान स्थिति का पता लगाने में जुटी रही, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी. ज्वेलर्स एसोसिएशन द्वारा मंदिर को भेंट की गई करीब 60 किलो चांदी की शिलाओं का भी कोई ठोस रिकॉर्ड जांच टीम को नहीं मिला है. हालांकि एसोसिएशन का दावा है कि उनके पास ट्रस्ट को शिलाएं सौंपने की रसीद मौजूद है. संगठन के अध्यक्ष अनुराग रस्तोगी के अनुसार, देशभर के ज्वेलर्स के सहयोग से तैयार की गई ये शिलाएं राम मंदिर को समर्पित की गई थीं.
विश्वकर्मा परिवार का हार भी रिकॉर्ड में नहीं मिला
जांच के दौरान जौनपुर के विश्वकर्मा परिवार की ओर से रामलला को भेंट किए गए बहुमूल्य हार का मामला भी सामने आया है. बताया गया कि इस भेंट का स्पष्ट रिकॉर्ड भी अभी तक नहीं मिल पाया है. हालांकि दानदाता पक्ष ने कहा है कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे और जरूरत पड़ने पर SIT के सामने अपना बयान भी दर्ज कराएंगे. जांच एजेंसी अब दान की गई वस्तुओं के रिकॉर्ड, उनकी प्राप्ति की प्रक्रिया और उनके वर्तमान स्थिति से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन जांच कर रही है.
बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
SIT से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नकदी गिनने और उसके प्रबंधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले कई लोग अपनी भूमिका सही ढंग से नहीं निभा सके. इसी आधार पर टिन्नू यादव समेत नकदी गिनने, रकम के प्रबंधन और कथित हेरफेर से जुड़े कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है. हालांकि अभी यह तय नहीं है कि कार्रवाई जांच के दौरान होगी या अंतिम रिपोर्ट आने के बाद. इसी बीच SIT ने प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में हुई नियुक्तियों, प्रशासनिक निर्णयों और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा शुरू कर दी है. मंदिर में तैनात लगभग 800 कर्मियों, जिनमें करीब 200 ट्रस्ट द्वारा नियुक्त कर्मचारी शामिल हैं, उनसे जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा बनाई जा रही है.
ADVERTISEMENT










