बहराइच में दरगाह के चढ़ावे, दान और चंदे में बड़े हेराफेरी का दावा..., सपा के पूर्व मंत्री यासर शाह पर लगे गंभीर आरोप, SIT जांच की उठी मांग

राम बरन चौधरी

20 Jun 2026 (अपडेटेड: 20 Jul 2026, 12:00 PM)

Bahraich News: सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह से जुड़े वक्फ नंबर 19 में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है.

Bahraich Salar Masud Ghazi Dargah Controversy News

Bahraich Salar Masud Ghazi Dargah Controversy News (Photo: AI Generated)

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Salar Masud Ghazi Dargah Controversy News: सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह से जुड़े वक्फ नंबर 19 में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है. वहीं इस विवाद में पूर्व समाजवादी पार्टी (सपा) के मंत्री यासर शाह का नाम भी सामने आने से मामला और गरमा गया है.

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SIT जांच की मांग और गंभीर आरोप

बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने आरोप लगाया है कि दरगाह शरीफ वक्फ नंबर 19 की बेशकीमती संपत्तियों का दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने मांग की है कि पिछले करीब 20 वर्षों में वक्फ इंतजामिया कमेटी द्वारा किए गए सभी वित्तीय लेनदेन की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उनका आरोप है कि दरगाह पर आने वाले भारी चढ़ावे, दान और चंदे की राशि में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की जा रही है, जिससे वक्फ संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है.

पूर्व मंत्री यासर शाह पर भी सवाल

इस पूरे मामले में सपा के पूर्व विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री यासर शाह का नाम भी चर्चा में है. आरोप है कि वे वक्फ इंतजामिया कमेटी से जुड़े रहे हैं और उनके कार्यकाल या सहभागिता के दौरान धन के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है. बीजेपी नेता ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आ सके और जिम्मेदारों की पहचान हो सके.

खादिमों के आरोप और चौंकाने वाले दावे

इस विवाद में दरगाह क्षेत्र के दो पुश्तैनी खादिमों ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई सोने-चांदी की कीमती ज्वेलरी अब दरगाह से गायब हो चुकी है. उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि ये आभूषण सुरक्षित हैं तो उन्हें सार्वजनिक रूप से दिखाया जाए. खादिमों के इन आरोपों ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है और स्थानीय स्तर पर चर्चाओं को तेज कर दिया है.

नियमों के उल्लंघन और कमेटी पर सवाल

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मौजूदा खादिम अजमतउल्ला को न सिर्फ कमेटी का सदस्य बनाया गया है बल्कि उन्हें ‘खादिम’ की भूमिका भी दी गई है, जो वक्फ नियमों के खिलाफ है. वहीं इंतजामिया कमेटी की ओर से इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है. कमेटी के वरिष्ठ सदस्य एडवोकेट दिलशाद अहमद ने कहा कि सभी आरोप निराधार हैं और पूरी व्यवस्था पारदर्शी तरीके से चल रही है.

कमेटी का पक्ष और CCTV निगरानी

दरगाह के स्टेनो आरिफ ने तकनीकी पक्ष रखते हुए बताया कि दरगाह में आने वाला चढ़ावा और दान पूरी तरह हाई-टेक CCTV निगरानी में रिकॉर्ड होता है. उनके अनुसार, नकदी की गिनती भी कैमरों के सामने लाइव की जाती है, जिससे किसी भी तरह की हेराफेरी की संभावना नहीं बचती. फिलहाल SIT जांच की मांग के बाद यह पूरा मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है और Bahraich में माहौल काफी गरमाया हुआ है.