बेटी का एडमिशन आंगनबाड़ी में कराने वाले चित्रकूट के DM पुलकित गर्ग को जानिए, इनकी कहानी प्रेरणादायक

Chitrakoot News: चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने अपनी तीन साल की बेटी का दाखिला निजी स्कूल के बजाय सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में कराकर शिक्षा और सामाजिक समानता के महत्व पर जोर दिया है.

यूपी तक

• 06:18 PM • 01 Feb 2026

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Chitrakoot News: चित्रकूट के जिलाधिकारी (DM) पुलकित गर्ग इन दिनों सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में अपनी एक अनूठी पहल के लिए खूब चर्चा बटोर रहे हैं. उन्होंने अपनी तीन साल की बेटी सिया का दाखिला किसी आलीशान निजी स्कूल के बजाय एक सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में करवाकर समाज को एक बड़ा संदेश दिया है. डीएम पुलकित गर्ग ने चित्रकूट के कर्वी स्थित नए बाजार इलाके के आंगनबाड़ी केंद्र को अपनी बेटी की शुरुआती शिक्षा के लिए चुना. 

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डीएम पुलकित गर्ग से जुड़ी हमारी खास वीडियो रिपोर्ट को यहां नीचे देखा जा सकता है. 

बेटी का आंगनबाड़ी में एडमिशन करवा सबको चौंकाने वाले DM Pulkit Garg के बारे में जानिए

आमतौर पर माना जाता है कि सरकारी स्कूल या आंगनबाड़ी केवल गरीब परिवारों के लिए होते हैं. पर IAS पुलकित गर्ग इस धारणा को बदलना चाहते थे. डीएम का मानना है कि आंगनबाड़ियों में अब अच्छी सुविधाएं, खिलौने, पोषण और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध है. अपनी बेटी को वहां भेजकर उन्होंने आम जनता का विश्वास सरकारी तंत्र में बढ़ाने की कोशिश की है. एक आईएएस की बेटी और सामान्य परिवारों के बच्चे जब एक साथ पढ़ेंगे और खेलेंगे, तो इससे सामाजिक समानता को बढ़ावा मिलेगा. 

कौन हैं आईएएस पुलकित गर्ग? 

पुलकित गर्म मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं. उनके पिता प्रदीप गर्ग हरियाणा ग्रामीण बैंक में मैनेजर हैं. उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है. एक इंजीनियर से आईएएस बनने तक का उनका सफर काफी प्रेरणादायक रहा है. वह उत्तर प्रदेश कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. चित्रकूट के डीएम बनने से पहले वह वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के वीसी (VC) थे. वह झांसी में नगर आयुक्त और सिद्धार्थनगर में सीडीओ (CDO) के पद पर भी रह चुके हैं. झांसी में उनके द्वारा शुरू किया गया 'आइकॉनिक रोड प्रोजेक्ट' काफी चर्चित रहा था. 

पुलकित गर्ग को चित्रकूट में कार्यभार संभाले हुए अभी लगभग 4 महीने ही हुए हैं. इस कम समय में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण और जनसुनवाई जैसे क्षेत्रों में जमीन पर उतरकर काम किया है. वह आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खाना खाते हुए भी नजर आ चुके हैं, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं.

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