महराजगंज पुलिस जिस सकीना को ढूंढ रही थी, वो अब बन गई है प्रिया, ऐसे हुई गुमशुदा की तलाश

अमितेश त्रिपाठी

• 03:29 AM • 28 Sep 2022

Maharajganj News: उत्तर प्रदेश में महराजगंज जिले के सोनौली कस्बा स्थित अपनी ससुराल से साल 2021 में गायब हुई सकीना नामक विवाहिता एक साल बाद…

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Maharajganj News: उत्तर प्रदेश में महराजगंज जिले के सोनौली कस्बा स्थित अपनी ससुराल से साल 2021 में गायब हुई सकीना नामक विवाहिता एक साल बाद जब मिली तो पुलिस के पैरों तले जमीन खिसक गई. पुलिस हैरान और परेशान हो गई! दरअसल, पुलिस जिस सकिना की बार-बार तलाश कर रही थी, वो अब दूसरी शादी करके प्रिया बन चुकी थी. सकीना उर्फ प्रिया ने आरोप लगाते हुए बताया कि पूर्व पति उसको प्रताड़ित करने के साथ-साथ उसे मारता-पीटता था, इसलिए उसने ससुराल से भाग कर दूसरी शादी कर ली है.

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यहां जानिए पूरा मामला

आपको बता दें कि महराजगंज जिले की सोनौली कोतवाली में दर्ज गुमशुदगी संख्या 02/2021 में गुमशुदा सकीना की तलाश जब पुलिस ने साल 2022 में ऑपरेशन तलाश चलाकर शुरू की तो जांच में चौकाने वाला खुलासा हुआ. पुलिस जिस सकीना की तलाश कर रही थी वह जब मिली, तो वो सकीना से प्रिया बन चुकी थी. प्रिया बनी सकीना ने अपने पहली ससुराल से 33 किलोमीटर दूर जाकर दूसरी शादी की. वह अब अपने दूसरे पति पंकज के साथ राजी खुशी रह रही है.

गौरतलब है कि महराजगंज के पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ कुमार ने गुमशुदा लोगों की खोज-बीन के लिए ऑपरेशन तलाश की शुरुआत की थी. इसके लिए एसपी ने सबसे पहले एक टीम गठित की, जिसमें दो उपनिरीक्षक, दो कॉन्स्टेबल और एक महिला आरक्षी को सम्मिलित किया गया. इसमें उपनिरीक्षक मनीष पटेल, विवेक सिंह, हेड कॉन्स्टेबल राणा प्रताप, अजय पाल और महिला आरक्षी संज्ञा तिवारी और कॉन्स्टेबल विनय को जोड़ा गया.

ऐसा कहा जाता है कि इस टीम में जिले के जिम्मेदार और होनहार पुलिस वालों को सम्मिलित किया गया. मिली जानकारी के अनुसार, सबसे पहले टीम गुमशुदा लोगों का आधार कार्ड लेती थी. फिर साइबर सेल के जरिए उन आधार कार्डों पर कितने नंबर चालू हैं, इसे पता किया जाता था. नंबर पता होने के बाद यह टीम उस नंबर का सीडीआर निकालती थी, जिसके बाद संबंधित लोकेशन पर जाकर गुमशुदा की तलाश की जाती थी.

एसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि ‘जिले में ऑपरेशन तलाश चलाकर अब तक 130 गुमशुदा लोगों में से 38 को सकुशल ढूंढ निकाला गया है. इसमें हमने एक टीम का गठन किया, जिसमें दो उपनिरीक्षक, दो कॉन्स्टेबल और एक महिला आरक्षी को सम्मिलित किया गया. ये टीम थानों से गुमशुदा लोगों की लिस्ट लेती थी और उनकी तलाश शुरू करती थी. इसके लिए साइबर सेल की भी मदद की गई. गुमशुदा व्यक्ति या महिला के मिलने के बाद उनके परिवार को सूचित किया जाता है. इनमें से कुछ लोग अपने घर गए और जिन बालिग महिलाओं ने अपनी दूसरी शादी कर ली उनके परिवार को सूचित कर दिया गया.’

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