Bajrang Dal leader Beaten By Police in Raebareli. रायबरेली में बजरंग दल के जिला संयोजक विनोद मौर्य गोकशी केस में गवाह थे. मगर कई बार बुलाए जाने के बाद भी वह कोर्ट में गवाह के तौर पर पेश नहीं हो रहे थे. इस वजह से उनके खिलाफ एनबीडब्लू (वारंट) जारी कर दिया गया. अब विनोद मौर्य ने पुलिस पर जो आरोप लगाए हैं, उसने रायबरेली पुलिस और हिंदू संगठनों को आमने-सामने ला दिया है.
ADVERTISEMENT
विनोद मौर्य का कहना है कि पुलिस ने उनकी कंबल पिटाई की है. उनके ऊपर कंबल डालकर पुलिस ने उन्हें मारा है और उनके साथ मारपीट की गई है. आरोप है कि रायबरेली की सलोन पुलिस जब कार्रवाई करने के लिए विनोद मौर्य के घर गई तो वहां उनके साथ अभद्रता की गई और गाली-गलौज की गई.
ये भी पढ़ें: बीच रोड पत्नी और मासूम बच्चों के सामने 20 मिनट तक पीटकर छीन ली गई कोर्ट क्लर्क राशिद की जिंदगी, कौन थे ये दरिंदे?
कंबल पिटाई कर दी
(एसएचओ सलोन) राघवन सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बजरंग दल के जिला संयोजक विनोद मौर्य की इस दौरान कंबल पिटाई भी कर डाली. उनके ऊपर कंबल डालकर उनकी पिटाई कर दी. आरोप है कि इस दौरान एसएचओ के साथ 2 सिपाही भी थे.
हिंदू संगठन दे रहे धरना
बता दें कि अब इस घटना को लेकर विनोद मौर्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ जिला मुख्यालय के पास स्थित चौराहे पर धरना दे रहे हैं. उनके साथ बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के भी लोग हैं. सारे हिंदू संगठन मामले को लेकर एक साथ आ गए हैं.
हिंदू संगठनों की मांग है कि आरोपी एसएचओ, एक मुस्लिम सिपाही और एक अन्य सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की जाए और तीनों को सस्पेंड किया जाए. बता दें कि इस मामले में अब योगी आदित्यनाथ सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश सिंह भी हिंदू संगठनों के समर्थन में उतर आए हैं.
योगी के मंत्री क्या बोले?
इस पूरे मामले को लेकर दिनेश प्रताप सिंह (स्वतंत्र राज्य मंत्री) ने कहा, अगर अपने संगठन के साथी धरने पर बैठे हैं तो वहां मेरा जाना मेरा दायित्व है. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि धरने को समर्थन देने के लिए सपा के बागी विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे भी वहां पहुंचे और अपना समर्थन जताया.
पुलिस ने अभी तक की ये कार्रवाई
बताया जा रहा है की बीती रात इस मामले में चौकी इंचार्ज से लेकर 3 सिपाहियों को थाने से हटा दिया गया है. मगर फिर भी हिंदू संगठनों ने धरना खत्म नहीं किया है. उनका कहना है कि पुलिस अधिकारी कोतवाल को लाइन हाजिर या सस्पेंड करें. वरना धरना जारी रहेगा.
ADVERTISEMENT









