Shahjahanpur News: 5 साल यानी 19 दिसंबर 2020 की रात यूपी के शाहजहांपुर में रोजा बस अड्डे के पास मौजूद नईम की दुकान पर आग लगी थी. रातभर दुकान पर आग लगती रही. सुबह जब पुलिस पहुंची तो पुलिस को दुकान के अंदर मांस मिला. इसी के साथ ताबीज भी पुलिस ने बरामद किया. मगर पुलिस का कहना था कि ये मांस किसी पशु का है. इसके बाद पुलिस ने मांस को फेक दिया. इसी दौरान पुलिस के पास अभिषेक यादव के माता-पिता पहुंचे और बताया कि उनका बेटा लापता है. जब युवक के माता-पिता काफी बार पुलिस के पास पहुंचे तो पुलिस ने दुकान से मिले मांस के अवशेष का डीएनए करवा दिया. अब डीएनए रिपोर्ट ने शाहजहांपुर पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने ला दी है.
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बता दें कि मंगलवार के दिन डीएनए जांच रिपोर्ट सामने आई है. इसने पुलिस की लापरवाही की परतें उधेड़ दी. दरअसल दुकान में मिले मांस के टुकड़ा अभिषेक यादव के ही थे. इसके बाद अब पीड़ित परिजनों ने दुकान मालिक और उसके साथी पर बेटे की हत्या का केस दर्ज करवाया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है.
पुलिस ने फिकवा दिया था दुकान में मिला मांस
19 दिसंबर 2020 की रात नईम की रोजा बस अड्डा स्थित दुकान में आग लगी. अगली सुबह पहुंची पुलिस को अवशेष मिले. इसमें कड़ा, ताबीज भी था. इसके बाद भी पुलिस ने इसे पशु अवशेष बताया और इसे तालाब के किनारे कचरे में फिकवा दिया. उस दौरान लोगों ने अवशेष को किसी मानव के होने की आशंका जताई. तब दबाव में आई पुलिस ने पशु चिकित्सा अधिकारी को बुलाकर उसकी जांच करवाई. जांच में साफ हो गया कि ये मानव के अवशेष हैं. यह जानकारी होने के बाद भी पुलिस ने दांत, हड्डियां बचे हुए हिस्से, कड़ा, ताबीज थाने में रखकर मामले पर पर्दा डाल दिया. आग में कौन जला? किसी मौत हुई? पुलिस ने इसकी जांच नहीं की.
19 दिसंबर 2020 से लापता था अभिषेक यादव
दूसरी तरफ रेती मोहल्ला का रहने वाला अभिषेक यादव 19 दिसंबर के दिन से ही लापता था. 20 दिसंबर को उसके पिता पुलिस के पास पहुंचे और पुलिस को बताया कि उनका बेटा अभिषेक रोजा के पास फैक्ट्री में नौकरी करता है. उसने वहां होटल में खाना खाया था. मगर उसके बाद से वह लापता है.
पिता ने शक जताया कि पुलिस को जो मानव अवशेष मिले हैं, वह उनके बेटे के हो सकते हैं. पुलिस ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया. इसके बाद पीड़ित पिता एसपी से मिले. तब 15 जनवरी साल 2021 के दिन अभिषेक की गुमशुदगी दर्ज की गई. मगर फिर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. मगर पीड़ित पिता ने हिम्मत नहीं हारी. वह लगातार अधिकारियों से मिलते रहे. तब जाकर नवंबर 2022 में पुलिस ने उनके और उनकी पत्नी का सैंपल लिया और दुकान में मिले इंसानी अवशेष से मिलान के लिए डीएनए जांच के लिए भेज दिया.
अब रिपोर्ट में सामने आया है कि दुकान में जिस इंसान के अवशेष मिले थे, वह अभिषेक यादव के ही थे.
उस रात आखिर अभिषेक संग हुआ क्या?
पुलिस के अनुसार, अभिषेक यादव की मां सुमन ने तहरीर दी है कि रोजा मंडी में बेटे अभिषेक का दुकान स्वामी नईम और राजू से विवाद हुआ था. उन दोनों ने अभिषेक की हत्या कर, शव को बोर में भरकर दुकान में आग लगा दी थी. फिलहाल अब डीएनए में अभिषेक के शव की पुष्टि होने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
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