रूक गई थीं ऋतिक की सांसें... मां 10 मिनट तक देती रही CPR और हो गया चमत्कार, ये नजारा देखने वाले हो गए इमोशनल

Baghpat News: बागपत में एक बहादुर मां ने अपने बेटे की जान बचाई, जब वह पलटे ई-रिक्शा के नीचे दब गया. खुद घायल होने के बावजूद मां ने दस मिनट तक सीपीआर और मुंह से सांस देकर उसे मौत के मुंह से वापस खींचा, जिससे मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए.

मनुदेव उपाध्याय

22 Jan 2026 (अपडेटेड: 22 Jan 2026, 07:21 PM)

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Baghpat News: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने इंसानियत, साहस और मां की ममता की गहराई को एक बार फिर साबित कर दिया. सड़क हादसे के बाद जब एक युवक की सांसें थम चुकी थीं और आसपास मौजूद लोग डर और असमर्थता के चलते तमाशबीन बने खड़े थे तब एक मां ने हार मानने से इनकार कर दिया. खुद घायल होने के बावजूद उसने करीब दस मिनट तक लगातार सीपीआर और मुंह से सांस देकर अपने बेटे को मौत के मुंह से वापस खींच लिया. यह सिर्फ एक हादसे की कहानी नहीं, बल्कि उस मां के हौसले की मिसाल है जिसने अपनी सांसों से बेटे को दोबारा जिंदगी दी.

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ई-रिक्शा के नीचे दबा था युवक 

बता दें कि यह घटना बागपत जिले के दोघट क्षेत्र में मांगरौली गांव के सामने की है. यहां सड़क पर चलते समय एक ई-रिक्शा अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया. हादसे में सबसे नीचे ऋतिक नाम का युवक दब गया. ई-रिक्शा का भारी ढांचा उसके ऊपर गिरने से उसका दम घुटने लगा और कुछ ही पलों में वह अचेत होकर बेदम हो गया.

हादसे के तुरंत बाद सड़क पर मौजूद लोग सहम गए. कोई घबराया हुआ था तो कोई कुछ समझ नहीं पा रहा था. लेकिन कोई भी युवक की मदद के लिए आगे नहीं बढ़ा. चारों तरफ सन्नाटा था और हर कोई सिर्फ हादसे को देख रहा था. ऐसे में युवक की जान बचाने के लिए कोई प्रशिक्षित मदद मौके पर मौजूद नहीं थी.

मां का टूटना और फिर संभलना

इसी बीच हादसे में खुद घायल हुई मां बीना किसी तरह बेटे तक पहुंचीं. बेटे की हालत देखकर वह पल भर के लिए टूट गईं. ऋतिक का शरीर बिल्कुल निश्चल था, सांसों का कोई एहसास नहीं था. मां कुछ क्षण तक बेटे को एकटक देखती रहीं और फिर फफक-फफक कर रो पड़ीं. लेकिन अगले ही पल उन्होंने खुद को संभाला और बेटे की जान बचाने का फैसला किया.

CPR और सांसों से लड़ी मौत से जंग

मां बीना ने बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के बेटे की छाती दबाकर सीपीआर देना शुरू किया. कई बार कोशिश करने के बाद भी जब कोई हलचल नजर नहीं आई, तब भी उन्होंने हार नहीं मानी. इसके बाद उन्होंने बेटे के मुंह से मुंह लगाकर अपनी सांसें उसके भीतर भरनी शुरू कर दी. पांच मिनट बीत गए, फिर सात मिनट और करीब दस मिनट तक मां लगातार बेटे के लिए मौत से लड़ती रहीं. आखिरकार वह पल आया जब ऋतिक के शरीर में हल्की सी हरकत महसूस हुई. सांसों की आहट मिलते ही मां ने बेटे को अपनी गोद में भर लिया. यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए.

अस्पताल में कराया भर्ती

कुछ देर बाद घटनास्थल पर एंबुलेंस पहुंची और ऋतिक को अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों के अनुसार युवक की हालत फिलहाल स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है. घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें मां बेटे को सीपीआर देती और बाद में गोद में लिए बैठी दिखाई दे रही हैं.

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