गाजियाबाद में पिता की मर्जी के खिलाफ अकबर से शादी करने वाली सोनिका को लेकर कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला!

मयंक गौड़

• 09:07 AM • 25 Sep 2026

गाजियाबाद की सोनिका चौहान और अकबर खान मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोनिका को अपनी इच्छा से पति के साथ रहने की आजादी दी. कोर्ट ने अनुच्छेद 21 के तहत बालिग को जीवनसाथी चुनने का अधिकार मानते हुए पुलिस को सुरक्षा देने के निर्देश दिए.

Sonika Chauhan, Akbar Khan

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गाजियाबाद के इंदिरापुरम में पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से सुर्खियों में रहे सोनिका चौहान और अकबर खान के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेहद अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने 26 साल की सोनिका चौहान को अपनी इच्छा से पति अकबर खान के साथ रहने की पूरी आजादी दी है. बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus Petition) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने साफ किया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर बालिग नागरिक को अपना जीवनसाथी चुनने और अपनी मर्जी से जीने का मौलिक अधिकार है. इसके साथ ही अदालत ने पुलिस को कपल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और परिजनों को उनके वैवाहिक जीवन में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करने की सख्त हिदायत दी है.

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हाईकोर्ट में सीधे बातचीत के बाद कोर्ट का रुख

न्यायूमूर्ति संदीप जैन की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान पुलिस के माध्यम से सोनिका चौहान को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया. अदालत द्वारा सीधे बातचीत करने पर सोनिका ने बताया कि वह 26 साल की बालिग हैं और उन्होंने अपनी इच्छा से अकबर खान से विवाह किया है और वह उन्हीं के साथ रहना चाहती हैं.

सोनिका के पिता लक्ष्मण सिंह चौहान ने कोर्ट में आरोप लगाया कि उनकी बेटी को ब्लैकमेल किया गया है और वह दबाव या प्रभाव में है. हालांकि कोर्ट ने पाया कि सोनिका बालिग हैं, अपने फैसलों के परिणाम समझने में पूरी तरह सक्षम हैं और उनके ऊपर किसी भी प्रकार के अनुचित दबाव, धमकी या प्रभाव के साक्ष्य नहीं मिले.

मई 2025 से शुरू हुआ था विवाद

मामले की शुरुआत मई 2025 में हुई थी, जब सोनिका के पिता ने इंदिरापुरम थाने में शिकायत दर्ज कराकर अकबर खान पर अपनी बेटी के अपहरण और अवैध हिरासत का आरोप लगाया था. पुलिस कार्रवाई के तहत अकबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और सोनिका को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था. 26 मई 2025 को अकबर की गिरफ्तारी के बाद इंदिरापुरम स्थित उनके जनसुविधा केंद्र में उपद्रवियों द्वारा तोड़फोड़ और नारेबाजी की घटना भी सामने आई थी.

जून 2025 में अकबर को जेल से जमानत मिली. लेकिन सामाजिक और पारिवारिक दबाव के चलते दोनों को कुछ समय अलग-अलग रहना पड़ा. इसके बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा.

अगस्त 2022 में हुई थी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी

सोनिका और अकबर के अनुसार, दोनों ने अगस्त 2022 में ही दिल्ली के तत्कालीन DM कार्यालय में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत कानूनी रूप से शादी कर ली थी. दोनों इंदिरापुरम के न्यायखंड क्षेत्र में साथ रहते थे और अपना-अपना काम करते थे. अकबर जनसुविधा केंद्र चलाते थे. वहीं सोनिका अपना सैलून चलाती थी. हालांकि शुरुआत में दोनों ने इस शादी को सार्वजनिक नहीं किया था.

कोर्ट के फैसले के बाद सोनिका और अकबर ने क्या कहा

हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद सोनिका ने राहत की सांस ली है और वह दोबारा अकबर के साथ रहने लगी हैं.

सोनिका चौहान ने यूपी Tak से बात करते हुए कहा कि 'कोर्ट के फैसले से हमें बहुत बड़ी राहत मिली है. पिछले डेढ़ साल में हमें भारी मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. मामले को सामाजिक व राजनीतिक रूप देकर बढ़ाया गया. अब भी सुरक्षा को लेकर थोड़ा डर है, इसलिए हम प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की मांग करेंगे.' वहीं अकबर ने भी अदालत के आदेश पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि एक लंबे और कठिन संघर्ष के बाद उन्हें न्याय मिला है.

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