बुलंदशहर में नमाज पढ़ने से रोकने का आरोप लगाकर CO विकास चौहान से भिड़े पूर्व MLA चौधरी होशियार सिंह, हंगामे के बीच पुलिस अधिकारी को जोड़ने पड़े हाथ!

SP leader vs police: बुलंदशहर के जहांगीराबाद में ईदगाह मस्जिद के बाहर नमाज को लेकर बड़ा बवाल हो गया. नमाजियों की शिकायत पर सपा के पूर्व विधायक होशियार सिंह और सीओ विकास चौहान के बीच तीखी नोकझोंक हुई. हंगामे के बीच पुलिस को हाथ जोड़कर मामला शांत कराना पड़ा.

Bulandshahr News

मुकुल शर्मा

• 04:30 PM • 28 May 2026

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SP leader vs police: बुलंदशहर के जहांगीराबाद इलाके में ईदगाह मस्जिद के बाहर नमाज पढ़ने से रोकने के आरोप को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक और पुलिस उपाधीक्षक (CO) के बीच जमकर नोकझोंक हो गई. नमाजियों की शिकायत पर भड़के पूर्व विधायक चौधरी होशियार सिंह और जिला पंचायत सदस्य सुनील चरोरा ने सीओ विकास चौहान पर प्रशासनिक मनमानी का आरोप लगाते हुए उन्हें आड़े हाथ ले लिया. देखते ही देखते वहां मौजूद भीड़ ने भी पुलिस के खिलाफ हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी. स्थिति को बिगड़ता देख सीओ को खुद हाथ जोड़कर मामले को रफा-दफा करना पड़ा.

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नमाजियों की शिकायत पर भड़के सपा नेता

जानकारी के मुताबिक, यह घटना जहांगीराबाद स्थित ईदगाह मस्जिद के बाहर का है. ईद की नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस मुस्तैद थी. इसी बीच मस्जिद से बाहर निकले कुछ नमाजियों ने वहां मौजूद सपा के पूर्व विधायक चौधरी होशियार सिंह और जिला पंचायत सदस्य सुनील चरोरा से शिकायत की कि पुलिस उन्हें नियम-कानूनों का हवाला देकर नमाज पढ़ने से रोक रही है. जनता की शिकायत सुनते ही दोनों नेता नाराज हो गए और मौके पर तैनात अनूपशहर के क्षेत्राधिकारी विकास चौहान के पास जा पहुंचे.

पूर्व विधायक और सीओ के बीच नोकझोंक

पूर्व विधायक होशियार सिंह और जिला पंचायत सदस्य सुनील चरोरा ने सीओ विकास चौहान को घेरते हुए सीधे तौर पर उन पर तानाशाही और मनमानी करने का आरोप लगाया. पूर्व विधायक ने सख्त लहजे में कहा कि पुलिस जानबूझकर आस्था के आड़े आ रही है. जब सीओ ने नियमों की बात समझानी चाही तो नेताओं ने उन्हें आड़े हाथ ले लिया. नेताओं के तीखे तेवर देख वहां मौजूद स्थानीय लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार हंगामा शुरू कर दिया.

जब बैकफुट पर आई पुलिस

मस्जिद के बाहर सैकड़ों लोगों के इकट्ठा होने और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए. बात को आगे बढ़ता और कानून-व्यवस्था की स्थिति को गंभीर होता देख सीओ विकास चौहान तुरंत बैकफुट पर आ गए. उन्होंने स्थानीय नेताओं और आक्रोशित जनता के गुस्से को शांत करने के लिए दोनों हाथ जोड़ लिए और पूरी विनम्रता के साथ मामले को निपटाने का प्रयास किया. पुलिस अधिकारी द्वारा हाथ जोड़ने और समझाने के बाद पूर्व विधायक और भीड़ का गुस्सा शांत हुआ.

दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे

इस पूरे विवाद के बाद पूर्व विधायक होशियार सिंह और सुनील चरोरा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि सीओ विकास चौहान की मनमानी के कारण ही आज लोगों का आक्रोश फूटा है. अगर पुलिस जनता के धार्मिक अधिकारों में दखल देगी तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दूसरी तरफ सीओ विकास चौहान ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है. उन्होंने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर कहा कि पुलिस केवल अपनी ड्यूटी कर रही थी. लेकिन पूर्व विधायक और उनके साथी जानबूझकर वहां मौजूद लोगों को भड़काने और उकसाने का काम कर रहे थे ताकि क्षेत्र का माहौल खराब किया जा सके.