मशहूर आईवियर ब्रांड लेंसकार्ट इन दिनों अपने एक इंटरनल ग्रूमिंग और ड्रेस कोड डॉक्यूमेंट के लीक होने के बाद विवादों के घेरे में है. सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह विवाद अब सड़कों और शोरूम्स तक पहुंच गया है, जहां उत्तर प्रदेश के मेरठ से लेकर मुंबई तक हिंदूवादी संगठनों और भाजपा नेताओं का विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है.
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मेरठ के शोरूम में तिलक और भगवा पटका
सोशल मीडिया पर मेरठ का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही लेंसकार्ट स्टोर के भीतर कर्मचारियों को तिलक लगाते और भगवा पटका पहनाते नजर आ रहे हैं. वीडियो में वह स्टाफ से अपनी धार्मिक पहचान के प्रति गर्व महसूस करने की बात कह रहे हैं. हालांकि, 'यूपी तक' इस वीडियो के समय और स्थान की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है, लेकिन ऐसी ही तस्वीरें देश के अन्य हिस्सों से भी सामने आ रही हैं.
क्या था उस 'लीक' डॉक्यूमेंट में?
पूरे बवाल की शुरुआत लेंसकार्ट के 23 पन्नों के एक 'ग्रूमिंग गाइड' के लीक होने से हुई. इस डॉक्यूमेंट में दावा किया गया कि:
- पाबंदी: तिलक, बिंदी, कलावा, जनेऊ, तुलसी माला और रुद्राक्ष जैसे हिंदू धार्मिक प्रतीकों पर कड़े प्रतिबंध या शर्तें लगाई गई थीं. यहाँ तक कि सिंदूर के लिए भी 'टर्म्स एंड कंडीशंस' लिखी थीं.
- छूट: वहीं दूसरी ओर, हिजाब और पगड़ी पहनने की अनुमति दी गई थी.
जैसे ही यह जानकारी वायरल हुई, सोशल मीडिया पर इसे 'धार्मिक भेदभाव' करार देते हुए #BoycottLenskart ट्रेंड करने लगा. लोगों का आरोप है कि कंपनी हिंदू प्रतीकों को निशाना बना रही है.
सीईओ पीयूष बंसल की सफाई
विवाद बढ़ता देख लेंसकार्ट के सीईओ पीयूष बंसल ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने बताया कि:
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