सावधान! कहीं आप भी तो नहीं खा रहे नकली पनीर? मेरठ में डॉ. रोशन जैकब का बड़ा एक्शन, पकड़ी गई केमिकल वाली फैक्ट्री

मेरठ के नगला कुम्भा में खाद्य विभाग ने 28 कुंतल नकली पनीर बरामद किया है. केमिकल और पाम ऑयल से बने इस पनीर की सप्लाई दिल्ली-NCR और उत्तराखंड में की जा रही थी.

यूपी तक

• 05:01 PM • 18 Apr 2026

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मेरठ में सेहत से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े काले कारोबार का पर्दाफाश हुआ है. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नगला कुम्भा गाँव में चल रही एक ऐसी 'जहरीली' फैक्ट्री पकड़ी है, जहां दूध से नहीं बल्कि खतरनाक केमिकल्स और पाउडर से पनीर तैयार किया जा रहा था. छापेमारी के दौरान टीम ने 28 कुंतल (2800 किलो) नकली पनीर बरामद किया है, जिसे बाजार में खपाने की तैयारी थी.

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केमिकल और तेल से बन रहा था 'प्रोटीन'

खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने मिलावटखोरों के होश उड़ा दिए हैं. फैक्ट्री के अंदर का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए. यहां पनीर बनाने के लिए दूध की जगह रिफाइंड पाम ऑयल, मैदा और कई संदिग्ध पारदर्शी केमिकल्स का इस्तेमाल किया जा रहा था. यह मिलावटी पनीर दिखने में बिल्कुल असली जैसा था, लेकिन असल में यह धीमी मौत का सामान था.

NCR और उत्तराखंड तक फैला था नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि इस फैक्ट्री के संचालक दो भाई, जावेद और हामिद, इस जहरीले पनीर की सप्लाई केवल मेरठ ही नहीं, बल्कि दिल्ली, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पूरे एनसीआर (NCR) इलाकों में कर रहे थे. शादी-ब्याह के सीजन और होटलों की मांग को पूरा करने के लिए यहाँ बड़े पैमाने पर उत्पादन चल रहा था.

आरोपी फरार, 28 कुंतल पनीर नष्ट

छापेमारी की भनक लगते ही दोनों मुख्य आरोपी भाई मौके से फरार हो गए. खाद्य विभाग की टीम ने बरामद किए गए 28 कुंतल पनीर को तुरंत कब्जे में लेकर नष्ट करवा दिया है ताकि वह किसी की थाली तक न पहुँच सके. पुलिस और खाद्य विभाग ने संयुक्त रूप से फैक्ट्री को सील कर दिया है और फरार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है.

यह मामला उन उपभोक्ताओं के लिए गंभीर चेतावनी है जो बाजार से पनीर खरीदते समय उसकी गुणवत्ता की जांच नहीं करते. ऐसे केमिकल्स युक्त उत्पाद लीवर और किडनी के लिए बेहद घातक साबित हो सकते हैं.