उत्तर प्रदेश के कानपुर से अपराध की एक ऐसी अजीबोगरीब दास्तां सामने आई है, जहाँ एक स्कूटी एक्सीडेंट के बाद हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए पति-पत्नी ने मिलकर मंदिर को ही निशाना बना डाला. एक्सीडेंट के कर्ज से उबरने के लिए इस दंपत्ति ने 'सिद्धि विनायक' मंदिर में सेंधमारी की, लेकिन पुलिस की सतर्कता से अब वे सलाखों के पीछे हैं.
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एक्सीडेंट ने बनाया अपराधी: पत्नी के साथ मिलकर की चोरी
पूरी घटना कानपुर के हरवंश मोहल्ले में स्थित सिद्धि विनायक मंदिर की है. आरोपी मजीद अंसारी की कुछ समय पहले एक सड़क दुर्घटना हो गई थी, जिसमें उसकी स्कूटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और वह खुद भी घायल हुआ. एक्सीडेंट के बाद हुए नुकसान की भरपाई का कोई रास्ता न देख, मजीद ने अपराध की राह चुनी. उसने अपनी पत्नी अंजुम परवीन के साथ मिलकर बाकायदा तीन मंदिरों की रेकी की और अंत में सबसे आसान शिकार के तौर पर सिद्धि विनायक मंदिर को चुना.
7 मूर्तियों के मुकुट पर किया हाथ साफ
11 अप्रैल को मजीद और उसकी पत्नी मंदिर पहुँचे और वहाँ भगवान की सात मूर्तियों के चांदी के मुकुट चुरा लिए. वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने चोरी के इस माल को ज्वेलर जावेद अहमद को बेच दिया.
9 दिनों की तलाश और CCTV ने खोला राज
चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई. सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को मजीद की स्कूटी और एक एटीएम फुटेज से अहम सुराग मिले. करीब नौ दिनों तक चली सघन खोजबीन के बाद पुलिस ने मजीद अंसारी और उसकी पत्नी अंजुम परवीन को गिरफ्तार कर लिया. साथ ही चोरी का माल खरीदने वाले ज्वेलर जावेद को भी पुलिस ने दबोच लिया है.
बरामदगी और गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किए गए मुकुटों का गलाया हुआ चांदी (लगभग 154 ग्राम) और 23,200 रुपये नकद बरामद किए हैं. मजीद ने पूछताछ में कबूल किया कि एक्सीडेंट के कारण हुए आर्थिक तंगी की वजह से उसने इस वारदात की योजना बनाई थी. पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है.
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